पटना , 12 जून् 2026 । बिहार में टेंडर और ठेका प्रक्रियाओं से जुड़े एक चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कथित टेंडर माफिया रिशु श्री से जुड़ी एक डायरी सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसियों के हाथ लगी इस डायरी में कई वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम दर्ज होने की चर्चा है, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, बड़े खुलासे होने की संभावना बढ़ गई है। आरोप है कि रिशु श्री का ब्यूरोक्रेसी में काफी दबदबा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, रिशु के पास 265 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। NIT पटना से बीटेक रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज नाम की कंपनी के जरिये ठेकेदार और बिचौलिये के तौर पर काम करता था।
सूत्रों के अनुसार, डायरी में विभिन्न परियोजनाओं, वित्तीय लेनदेन, संपर्कों और कथित तौर पर प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े नोट्स दर्ज बताए जा रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इन दस्तावेजों की सत्यता और उनमें दर्ज सूचनाओं का सत्यापन कर रही हैं। केवल किसी डायरी में नाम दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति की भूमिका या दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता, इसलिए जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।
मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि चर्चा है कि रिकॉर्ड में कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध संबंधों के प्रमाण मिलते हैं, तो इसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी ठेका प्रणाली पर पड़ सकता है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक दलों ने भी इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और तथ्यों के सामने आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी ठेकों और सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी जांचों का निष्पक्ष और गहन होना आवश्यक है। यदि डायरी में दर्ज जानकारियां जांच में प्रमाणित होती हैं, तो यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासों पर टिकी हुई है।