पंजाब , 11 जून् 2026 । पंजाब में एक भाजपा पार्षद समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मामला सामने आते ही स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपियों की ओर से भी अपने पक्ष में दलीलें सामने आ रही हैं।
इस संबंधी जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर परमजीत कुमार ने बताया कि मंजू रानी निवासी राधा स्वामी कॉलोनी फाजिल्का की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। महिला ने बताया कि, उनके वार्ड में हाल ही में नगर कौंसिल के चुनाव जीतने वाले बीजेपी पार्षद सुरेश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री मां-बेटी सत्कार योजना के फार्म पैसे लेकर भरे जा रहे थे। महिला ने बताया कि, इसकी सूचना मिलने पर वह अपने भाई के साथ पार्षद के दफ्तर में पहुंची। इस दौरान जैसे ही उसने फार्म भरने को लेकर सवाल किया और वीडियो बनानी शुरू कर दी तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मामले में कुछ व्यक्तियों पर कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन और विवादित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर भाजपा पार्षद सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी मामले के सभी पहलुओं पर खुलकर टिप्पणी नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित किया है। विपक्षी दल इस मामले को कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पार्टी से जुड़े नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि सत्य सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस प्रकरण पर सभी की नजर बनी हुई है।