पहले जीता भरोसा, फिर हड़पे 7 करोड़; अफगानी कारोबारी को खारी बावली के कारोबारियों ने लगाया चूना

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पुरानी दिल्ली/ खारी बावली , 08 जून्‌ 2026 । दिल्ली के प्रसिद्ध थोक व्यापारिक केंद्र खारी बावली से जुड़ा एक बड़ा कारोबारी विवाद सामने आया है, जिसमें एक अफगानी कारोबारी के साथ करीब 7 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला चर्चा में है। आरोप है कि कुछ व्यापारियों ने पहले कारोबारी संबंधों के जरिए विश्वास कायम किया और लंबे समय तक लेन-देन को सामान्य बनाए रखा। इसके बाद बड़े स्तर पर माल और धनराशि के लेन-देन के दौरान कथित रूप से आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया, सुल्तान अहमद हबीब अफगानिस्तान स्थित ‘अहमद शाह हबीब लिमिटेड’ कंपनी के निदेशक और उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी भारत सहित कई देशों में सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) सप्लाई करती है। साल 2017 में दिल्ली के खारी बावली स्थित ‘मैसर्स पारस इंटरनेशनल’ के साझेदारों ने उनसे संपर्क किया और व्यापार शुरू किया। शुरुआत में आरोपियों ने समय पर भुगतान कर गहरा भरोसा जीत लिया।

एंबेसी से हाई कोर्ट तक गुहार

अफगानी कारोबारी ने रकम वसूली के लिए भारत में उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया। उन्होंने भारत में अफगानी दूतावास के जरिए शिकायत की, विदेश व्यापार महानिदेशक को रिपोर्ट किया और दिल्ली हाई कोर्ट में एक कमर्शल सूट भी दायर किया। हालांकि, आरोपियों ने कहीं भी सहयोग नहीं किया और अपना पुराना दफ्तर भी बंद कर फरार हो गए।

व्यापारिक हलकों में इस घटना ने चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खारी बावली देश के सबसे बड़े मसाला और ड्राई फ्रूट बाजारों में से एक माना जाता है। कारोबारी संगठनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है और इस तरह की घटनाएं बाजार की साख को प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन में पर्याप्त दस्तावेजी सुरक्षा, बैंकिंग रिकॉर्ड और कानूनी अनुबंध बेहद जरूरी हैं।

पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की जांच कर रही हैं। लेन-देन के दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और व्यापारिक समझौतों की पड़ताल की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला कारोबारी विवाद है या सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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