हरियाणा के बस अड्डों पर लागू होगा ‘विज मॉडल’, अवैध कब्जों और अव्यवस्था पर चलेगा सख्त अभियान

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हरियाणा , 30 मई 2026 । हरियाणा के बस अड्डों की व्यवस्था को सुधारने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार अब ‘विज मॉडल’ को लागू करने की तैयारी में है। इस पहल के तहत बस स्टैंड परिसरों में अवैध कब्जों, अनधिकृत गतिविधियों और अव्यवस्था के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बस अड्डों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

साफ शब्दों में संदेश दिया गया है कि बस अड्डे अब अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के अड्डे नहीं, बल्कि अनुशासित सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में नजर आएंगे। परिवहन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्लेटफॉर्म से लेकर फुटपाथ और प्रतीक्षालय तक किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

योजना के तहत बस अड्डों के भीतर और आसपास किए गए अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अनधिकृत दुकानों, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि कई बस अड्डों पर वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था और अतिक्रमण के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा होती हैं। नए अभियान के माध्यम से इन समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान के दौरान बस अड्डों की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को टिकट, प्रतीक्षालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हों।

परिवहन विभाग का मानना है कि अनुशासन और व्यवस्था कायम होने से बस अड्डों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और यात्रियों का अनुभव भी बेहतर होगा। साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण और राजस्व व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहल को राज्य के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे प्रदेश के सभी प्रमुख बस अड्डों पर व्यापक रूप से लागू किया जा सकता है।

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