पंजाब , 27 मई 2026 । SIR को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। फैसले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि अदालत के फैसले ने विपक्ष के झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति को बेनकाब कर दिया है।
तरुण चुघ ने आगे कहा कि जिस व्यक्ति की मौत हो चुकी है या कोई नकली वोट वाला है या अवैध घुसपैठिया है उसे बचाने के लिए राजा वड़िंग या आम आदमी पार्टी और अन्य विरोधी पार्टियां प्रयास कर रही हैं। बड़े पैमाने पर माइग्रेशन के बीच यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है, लेकिन कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने अपनी वोट बैंक राजनीति के चलते जनता के बीच भ्रम और भय फैलाने का काम किया।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को न्यायपालिका के निर्णयों को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। चुघ के अनुसार, जब भी अदालत का फैसला विपक्ष के पक्ष में आता है तो वे उसका स्वागत करते हैं, लेकिन विपरीत फैसले आने पर संस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगते हैं। उन्होंने इसे दोहरी राजनीति करार दिया।
वहीं विपक्षी दलों ने भी फैसले और भाजपा नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल उठाना जनता और राजनीतिक दलों का अधिकार है। कई नेताओं ने सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। खासतौर पर चुनावी राज्यों में इसे लेकर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि राजनीतिक दल अदालत के फैसले को किस तरह जनता के बीच पेश करते हैं और इसका आगामी राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।