नई दिल्ली, 23 मई 2026 । दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजन निर्धारित नियमों और तय स्थानों पर ही किए जाएंगे, ताकि कानून-व्यवस्था और स्वच्छता बनी रहे।
सरकार ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि बकरीद पर किसी भी सार्वजनिक जगह पर बकरे की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी निर्देशों के अनुसार सड़कों, पार्कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी करें तथा सभी स्वास्थ्य और स्वच्छता नियमों का पालन करें।
दिल्ली सरकार ने जारी की एडवाइजरी
सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक दिल्ली में गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य सभी कानूनन प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैरकानूनी है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ Prevention of Cruelty to Animals Act के तहत FIR दर्ज की जाएगी। यह नियम पार्क, मुख्य सड़कें, रिहायशी गलियां या किसी भी खुली सार्वजनिक जगह पर लागू होगा। त्योहार से जुड़े इस धार्मिक अनुष्ठान को केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित और तय की गई जगहों पर ही संपन्न किया जा सकेगा। सरकार ने स्वच्छता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कुर्बानी देने के बाद बचने वाले अवशेषों को, गंदगी को सीवर के जरिए या रास्तों में फेंकने पर रोक होगी क्योंकि इससे महामारी फैलने का खतरा रहता है। इसी के साथ सरकार ने अवैध रूप से पशुओं के परिवहन, गैरकानूनी कटाई और पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकने के लिए पुलिस और लोकल प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों द्वारा अपने- अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं।
सरकार ने त्योहार के दौरान शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य किसी धार्मिक परंपरा में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था, स्वच्छता और नागरिक सुविधा सुनिश्चित करना है। त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।