नई दिल्ली, 19 मई 2026 । दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में यात्रा करने वाले लोगों को आने वाले दिनों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 21 से 23 मई तक ऑटो और टैक्सी चालकों की प्रस्तावित हड़ताल आम लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। विभिन्न ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। यदि बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकला तो लाखों यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों और कम किराए से परेशान कमर्शियल वाहन चालकों ने 21 मई से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। ऑटो और टैक्सी चालकों की मांग है कि मौजूदा किराए में तुरंत संशोधन किया जाए। ‘चालक शक्ति यूनियन’ ने इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल (LG), मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और पुलिस कमिश्नर को एक पत्र सौंपा है। यूनियन के मुताबिक, यह हड़ताल ‘ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस’ द्वारा घोषित देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बुलाई गई है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में इजाफा, ऑनलाइन कैब कंपनियों की नीतियां और परमिट से जुड़े मुद्दों को लेकर चालक लंबे समय से नाराज हैं। उनका आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे, जिसके चलते हड़ताल का फैसला लेना पड़ा।
हड़ताल के दौरान सड़कों पर बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सियां नहीं चलेंगी। इसका सबसे ज्यादा असर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। कई इलाकों में पहले से ही सार्वजनिक परिवहन का दबाव अधिक रहता है, ऐसे में मेट्रो और बस सेवाओं में भी भारी भीड़ देखने को मिल सकती है।
यूनियनों की प्रमुख मांगों में किराया दरों में संशोधन, पुराने वाहनों से जुड़े नियमों में राहत, ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों पर नियंत्रण और चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं। संगठन का कहना है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाती तो आगे आंदोलन और बड़ा किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यूनियनों से बातचीत जारी है और आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। हालांकि अभी तक हड़ताल वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अगले तीन दिनों के लिए यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें। जरूरी कामों के लिए समय से निकलें और जहां संभव हो, मेट्रो, बस या कारपूल जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें।