शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में CBI की बड़ी कामयाबी, यूपी से एक और शूटर गिरफ्तार; दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दबिश के बाद धरपकड़
मुजफ्फरनगर/बलिया, 19 मई 2026 । पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित शुभेंदु अधिकारी PA मर्डर केस में CBI को बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश से एक और आरोपी शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। आखिरकार CBI की विशेष टीम ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर ऑपरेशन चलाकर उसे दबोच लिया।
अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली और बाद में आरोपी को दिल्ली ले जाया गया। अदालत के सूत्रों के अनुसार शूटर बताये जा रहे बलिया जिले के रतोपुर गांव के रहने वाले सिंह को टोल प्लाजा पर रोककर गिरफ्तार किया गया। बलिया से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी के पिता ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें सीबीआई अधिकारियों से यह जानकारी मिली है कि उनके बेटे को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी हत्या की साजिश में सीधे तौर पर शामिल था और उसे वारदात को अंजाम देने के लिए सुपारी दी गई थी। जांच एजेंसियों को पहले से इनपुट मिल रहे थे कि आरोपी उत्तर भारत में छिपा हुआ है। इसके बाद CBI ने कई राज्यों में निगरानी बढ़ाई और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।
CBI अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद केस में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किस स्तर पर रची गई और इसके पीछे किन लोगों का नेटवर्क सक्रिय था। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर जल्द ही अन्य संदिग्धों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी दिल्ली-देहरादून हाईवे से किसी दूसरे ठिकाने पर भागने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही CBI टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सख्त निगरानी रखी। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।
यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए CBI लगातार जांच का दायरा बढ़ा रही है। एजेंसी का मानना है कि इस गिरफ्तारी से केस की कड़ियां और मजबूत होंगी तथा पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सकता है।