हरियाणा में 590 करोड़ बैंक फ्रॉड केस में बड़ा एक्शन, CBI की चंडीगढ़-पंचकूला समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

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हरियाणा , 15 मई 2026 । हरियाणा में बैंक घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में जांच तेज करते हुए चंडीगढ़ और पंचकूला समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। एजेंसी अब तक इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एजेंसी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। इसने बताया कि 14 मई को आरोपियों के आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, आभूषण विक्रेताओं की दुकानों, सरकारी धन के संदिग्ध लाभार्थियों के परिसर और जांच से जुड़े अन्य निजी ठिकानों समेत सात परिसरों पर एकसाथ छापे मारे गए। बयान में कहा गया, ”छापेमारी के दौरान, धोखाधड़ी और संदिग्ध गबन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेज और चीजें बरामद व जब्त की गईं।

यह घोटाला सरकारी फंड के दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों का पैसा (लगभग 590 करोड़ रुपये) फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर बैंक में जमा कराया गया था, लेकिन बैंक कर्मियों और निजी बिचौलियों ने मिलीभगत कर इस पैसे को फर्जी शेल कंपनियों और सोने की खरीद के जरिए ठिकाने लगा दिया।

सूत्रों के मुताबिक आरोपियों पर बैंकों से गलत तरीके से लोन हासिल करने और रकम को अलग-अलग खातों व कंपनियों के माध्यम से ट्रांसफर करने का आरोप है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों और संस्थाओं की भूमिका रही।

CBI अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई राज्यों तक फैली हुई है और आर्थिक अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक रिकॉर्ड और संदिग्ध कंपनियों के वित्तीय दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े बैंक फ्रॉड मामलों का असर बैंकिंग व्यवस्था और वित्तीय संस्थानों की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसलिए एजेंसियां अब आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ा रही हैं।

हाल के वर्षों में देशभर में बैंक धोखाधड़ी और फर्जी लोन मामलों को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है। ऐसे मामलों में डिजिटल फॉरेंसिक और वित्तीय ट्रैकिंग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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