नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026 । दिल्ली हाईकोर्ट में बीते दिन उस समय बेहद असहज स्थिति पैदा हो गई जब मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर चल रही वर्चुअल सुनवाई में अज्ञात हैकर्स ने सेंध लगा दी, जब दिल्ली हाईकोर्ट की एक लाइव वर्चुअल सुनवाई के दौरान अचानक स्क्रीन पर आपत्तिजनक वीडियो चल गया। यह घटना ऑनलाइन हियरिंग के दौरान हुई, जिसमें वकील, जज और अन्य प्रतिभागी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़े हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यवाही सामान्य रूप से चल रही थी, तभी कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर अश्लील सामग्री दिखाई दी। घटना सामने आते ही सुनवाई तुरंत रोक दी गई और तकनीकी टीम को अलर्ट किया गया। कोर्ट प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रारंभिक आशंका है कि यह किसी प्रतिभागी की तरफ से अनजाने में स्क्रीन शेयरिंग की गलती या फिर किसी तरह की साइबर शरारत (हैकिंग/ट्रोलिंग) का परिणाम हो सकता है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं वर्चुअल कोर्ट सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। महामारी के बाद से ऑनलाइन सुनवाई का चलन बढ़ा है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियां भी सामने आई हैं।
कोर्ट प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि वीडियो कैसे चला, किस डिवाइस से स्ट्रीम हुआ और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका थी या नहीं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।
इस घटना के बाद वर्चुअल हियरिंग प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो।