लोकतंत्र को समावेशी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम—अब घर बैठे मतदान की सुविधा से बढ़ेगी भागीदारी

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नई दिल्ली, 31  मार्च 2026 । Election Commission of India ने एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर बैठे वोट डालने की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य उन मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है, जो शारीरिक या आयु संबंधी कारणों से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते।

आयोग के अनुसार, 30 मार्च 2026 तक मिले आंकड़ों के आधार पर यह सुविधा लागू की गई है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदान की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है और इसे 5 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर किसी कारण से पहली बार मतदान टीम मतदाता तक नहीं पहुंच पाती, तो दूसरी बार भी प्रयास किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपने वोट के अधिकार से वंचित न रहे।

इस नई व्यवस्था के तहत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रेणी के मतदाताओं को पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) के माध्यम से मतदान करने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए चुनाव से पहले संबंधित मतदाताओं को आवेदन करना होगा, जिसके बाद चुनाव अधिकारी उनके घर जाकर मतदान की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे।

Election Commission of India के अनुसार, इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग, गवाहों की मौजूदगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो।

इस फैसले से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें लंबी दूरी तय करने में कठिनाई होती है। इसके साथ ही, यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि अब अधिक लोग आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी और “सबका साथ, सबका मतदान” के सिद्धांत को साकार करेगी। आने वाले चुनावों में इस सुविधा के व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

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