चंडीगढ़ , 26 मार्च 2026 । हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी Chirag Yojana के तहत अब सालाना 8 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के बच्चों को भी निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस फैसले के साथ योजना का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग के परिवारों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है।
पहली बार दाखिले के इच्छुक हैं बच्चों के परिवार की आर्थिक आय 1.80 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना निधारित की गई है। इसके लिए निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए हैं। निदेशालय ने स्कूलों की सूची और जरूरी गाइडलाइन भी जारी कर दी हैं। छात्रों के दाखिले से जुड़ी पूरी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसमें आवेदन प्रक्रिया, नियम और स्कूलों का विवरण शामिल है। छठी कक्षा के लिए 7,340, 7वीं के लिए 7,146, 8वीं के लिए 7,186, 9वीं के लिए 7,168, 10वीं के लिए 6,883, 11वीं के लिए 5,829 और 12वीं कक्षा के लिए 5,723 सीटें आवंटित की गई हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 47 हजार से अधिक सीटों का आवंटन किया जा चुका है। यह संख्या दर्शाती है कि बड़ी संख्या में छात्र इस योजना का लाभ उठाकर बेहतर शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच बना रहे हैं। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के दौर में पीछे न रहें।
इस योजना के तहत चयनित छात्रों की फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होता है। साथ ही, छात्रों को निजी स्कूलों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक शिक्षण पद्धति और अतिरिक्त गतिविधियों का लाभ भी मिलता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी और निजी शिक्षा के बीच की खाई को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि योजना के साथ-साथ स्कूलों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी लगातार निगरानी जरूरी है।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस योजना को और मजबूत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल सके।