हरियाणा , 26 मार्च 2026 । हरियाणा सरकार ने वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए Russia को राज्य में निवेश के लिए औपचारिक न्योता दिया है। इस कदम का उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और हरियाणा को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
हरियाणा में औद्योगिक निवेश और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने रूसी संस्थानों और कंपनियों को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बुधवार को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास संत कबीर कुटीर में भारत में रूसी संघ के राजदूत डेनिस अलीपोव ने मुलाकात की।
बैठक में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, संसाधनों और विशेष रूप से कृषि, ऑटोमोबाइल और विनिर्माण क्षेत्रों की संभावनाओं से रूसी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हरियाणा वस्त्र और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रूस के बाजार की मांगों को पूरा करने की क्षमता रखता है। दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने, लॉजिस्टिक चुनौतियों को कम करने, बाजार पहुंच बढ़ाने और निर्यात-उन्मुख निवेश को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श किया। हरियाणा से रूस को निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर भी मंथन हुआ।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह पहल विभिन्न सेक्टरों—जैसे मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस प्रोडक्शन, एग्री-टेक, फार्मास्यूटिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर—में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई है। हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में जाना जाता है, और अब सरकार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित कर इस स्थिति को और मजबूत करना चाहती है।
बैठकों और संवाद के दौरान हरियाणा के प्रतिनिधियों ने राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और कुशल कार्यबल की जानकारी साझा की। साथ ही, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत दी जा रही सुविधाओं और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के साथ निवेश सहयोग बढ़ने से हरियाणा में तकनीकी हस्तांतरण और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय उद्योगों को नई तकनीक और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
यह पहल भारत और रूस के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को राज्य स्तर पर और गहरा करने का भी एक प्रयास मानी जा रही है। आने वाले समय में यदि यह निवेश प्रस्ताव ठोस परियोजनाओं में बदलता है, तो हरियाणा की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है।