चंडीगढ़ , 19 मार्च 2026 । हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग के आरोप में Indian National Congress ने अपने कुछ विधायकों को शोकॉज नोटिस जारी किया है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या उनकी विधायकी भी जा सकती है। हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 में से 4 विधायकों के नाम कांग्रेस ने सार्वजनिक कर दिए है। कांग्रेस का दावा है कि नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी, साढौरा विधायक रेनू बाला, पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियास और हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल। इन चारों विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। हालांकि विपक्षी दल ने पांचवें विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया। इसके साथ ही क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को पार्टी कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अब लोगों के मन में सवाल है कि क्या कांग्रेस क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की विधायकी छीन लेगी या नहीं।
क्या कहता है कानून?
भारत में दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत, यदि कोई विधायक अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह कानून Tenth Schedule of the Indian Constitution के तहत लागू होता है।
क्या विधायकी जा सकती है?
हाँ, यदि यह साबित हो जाता है कि विधायक ने पार्टी के निर्देश (व्हिप) का उल्लंघन किया है और उसका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है, तो स्पीकर उन्हें अयोग्य (disqualify) घोषित कर सकते हैं। हालांकि, यह फैसला तुरंत नहीं होता—इसके लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
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पहले विधायकों से जवाब मांगा जाएगा (शोकॉज नोटिस)
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जवाब संतोषजनक न होने पर मामला स्पीकर के पास जाएगा
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स्पीकर जांच के बाद अंतिम फैसला लेंगे
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जरूरत पड़ने पर मामला कोर्ट भी जा सकता है
इस घटनाक्रम का असर Haryana की राजनीति पर पड़ सकता है। अगर विधायकों की सदस्यता रद्द होती है, तो विधानसभा के संख्या बल और सत्ता समीकरण बदल सकते हैं।
फिलहाल शोकॉज नोटिस जारी हुआ है, लेकिन विधायकी जाएगी या नहीं—यह पूरी तरह जांच और स्पीकर के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।