राहुल का आरोप—ट्रेड डील से कपास किसानों को नुकसान

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नई दिल्ली, 14 फ़रवरी 2026 ।  Rahul Gandhi ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित/हालिया व्यापार समझौते से भारतीय कपास किसानों को नुकसान हो सकता है। उनके मुताबिक, आयात शुल्क में कटौती या बाज़ार तक बढ़ी विदेशी पहुंच से घरेलू कपास के दाम दबाव में आ सकते हैं, जिसका असर खासकर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ेगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील से कपास उगाने वाले किसानों और कपड़ा उद्योग पर उल्टा असर पड़ेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शनिवार को अपने वीडियो पोस्ट में राहुल ने आरोप लगाया कि 18% टैरिफ बनाम 0% समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं, और किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।

आरोप के मुख्य बिंदु

  1. आयात प्रतिस्पर्धा: सस्ते आयात से मंडियों में कीमतें 5–10% तक गिरने का जोखिम।

  2. MSP सुरक्षा का सवाल: यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सीमित रही, तो बाजार भाव MSP से नीचे जा सकते हैं।

  3. टेक्सटाइल चेन पर प्रभाव: सस्ती कच्ची कपास से मिलों को फायदा, पर किसानों की आय पर दबाव।

सरकार/समर्थकों का पक्ष

  • ट्रेड डील से निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं, जिससे लंबी अवधि में टेक्सटाइल वैल्यू-चेन मजबूत होगी।

  • यदि उत्पादकता और गुणवत्ता (लॉन्ग-स्टेपल) सुधरे, तो भारतीय कपास प्रतिस्पर्धी रह सकती है।

  • PLI जैसी नीतियों से प्रसंस्करण और रोजगार बढ़ने की उम्मीद।

जमीनी वास्तविकता

भारत दुनिया के बड़े कपास उत्पादकों में है, लेकिन पैदावार, लागत और गुणवत्ता में राज्यों के बीच अंतर है। एक 2–3 रुपये/किलो की कीमत गिरावट भी छोटे किसानों की आय पर सीधा असर डाल सकती है। इसलिए किसी भी डील में सुरक्षा क्लॉज, चरणबद्ध टैरिफ कटौती और सेफगार्ड मैकेनिज्म अहम माने जाते हैं।

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