प्रदर्शन के नाम पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं कर सकते, सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

CJI सूर्यकांत ने कहा– हर किसी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर तय समय सीमा का पालन भी जरूरी।

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नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026| दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। 3 नवंबर को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल किसी निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकता।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और अन्य संगठनों को भी अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने का अधिकार है। इसलिए निर्धारित प्रदर्शन स्थलों का आवंटन एक निश्चित समयावधि के लिए होना चाहिए।

यह सुनवाई दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों और व्यापारियों की याचिका से जुड़े मामलों पर हुई। व्यापारिक संगठनों ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक चले प्रदर्शनों से कारोबार और आम लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।

वहीं, अदालत ने स्पष्ट किया कि संविधान शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को भी मान्यता देता है। ऐसे में व्यापार करने और आजीविका कमाने के अधिकार के साथ इसका संतुलन जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों को भी पक्षकार बनाने को कहा। अदालत की ये टिप्पणियां सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अवधि और उसके नियमों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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