साउंड एंप्लीफायर के नाम पर चीन से मंगाए गए अवैध सिम बॉक्स
लखनऊ,03 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध सिम बॉक्स से जुड़े मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, चीन से साउंड एंप्लीफायर बताकर अवैध सिम बॉक्स भारत लाए गए। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस अब इन उपकरणों के इस्तेमाल, उनकी सप्लाई और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
दरवाजे पर वाई-फाई फेस डोरबेल से निगरानी
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बताया कि तकनीकी जांच में उपकरणों में 192 ई-सिम सक्रिय मिले हैं। जालसाजों ने ठिकानों की निगरानी के लिए मुख्य दरवाजे पर वाई-फाई कनेक्टेड ‘फेस डोरबेल कैमरा’ लगा रखा था, जिससे वे आने-जाने वालों पर नजर रखते थे। एडीसीपी किरन यादव के अनुसार, बरामद छह सिम बॉक्स चीन या किसी अन्य देश से अवैध तरीके से मंगाए जाने का अंदेशा है।
साउंड एंप्लीफायर के नाम पर हुई उपकरणों की एंट्री
मामले में आरोप है कि चीन से मंगाए गए अवैध सिम बॉक्स को साउंड एंप्लीफायर के रूप में दर्शाया गया। इस तरीके से वास्तविक उपकरणों की पहचान छिपाकर उन्हें भारत लाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां आयात से जुड़े दस्तावेजों और उपकरणों की तकनीकी जांच के जरिए पूरे मामले की जानकारी जुटा रही हैं।
लखनऊ पुलिस ने चार ठिकानों पर की छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने चार स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध सिम बॉक्स के नेटवर्क, उनके इस्तेमाल और उनसे जुड़े लोगों का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन उपकरणों को किन लोगों ने मंगवाया और किन स्थानों पर इनका इस्तेमाल किया जा रहा था।
क्या होता है सिम बॉक्स और क्यों है खतरनाक?
सिम बॉक्स एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसमें बड़ी संख्या में सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल इंटरनेट आधारित कॉल को सामान्य मोबाइल नेटवर्क की कॉल में बदलने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, जब इसका इस्तेमाल बिना अनुमति और अवैध तरीके से किया जाता है, तो इसका उपयोग टेलीकॉम धोखाधड़ी, फर्जी कॉलिंग और अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय कॉल के रूप में दिखाने जैसे अपराधों में हो सकता है।
अवैध नेटवर्क के इस्तेमाल की जांच
पुलिस की जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इन सिम बॉक्स के जरिए कितनी कॉल की गईं और क्या इनका इस्तेमाल किसी संगठित नेटवर्क या साइबर अपराध में हुआ। इसके अलावा उपकरणों की खरीद, आयात और वितरण से जुड़े लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
लखनऊ में हुई यह कार्रवाई अवैध दूरसंचार उपकरणों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है। अब जांच के नतीजों से स्पष्ट होगा कि चीन से साउंड एंप्लीफायर बताकर लाए गए इन सिम बॉक्स के पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था और इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था।