टाटा सफारी में मिले 19 हजार कारतूस, STF भी रह गई हैरान

यूपी से मुजफ्फरपुर तक आरा के रास्ते हथियारों की सप्लाई का खुलासा

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पटना,03 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश से बिहार तक अवैध कारतूस की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। टाटा सफारी गाड़ी से 19 हजार कारतूस बरामद होने की खबर सामने आई है। कारतूसों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम भी हैरान रह गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस खेप को उत्तर प्रदेश से आरा के रास्ते मुजफ्फरपुर तक पहुंचाने की साजिश थी। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।

टाटा सफारी में भरे थे 19000 कारतूस

पुलिस भी एक एसयूवी गाड़ी में इतने कारतूस देख हैरान रह गई। पुलिस आम दिनों की तरह गाड़ियों की चेकिंग में लगी थी। लेकिन उनके पास पहले से ही एक बड़ा इनपुट आ चुका था। सोमवार को कोइलवर थाना इलाके में टीम को मनभवन मोड़ के पास एक टाटा सफारी एसयूवी आती दिखाई थी। गाड़ी को पुलिस ने रोका तो उसमें मौजूद सरस कुमार, ललतू कुमार और चंदन तिवारी की हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने सभी को घेर लिया और गाड़ी की तलाशी शुरू की। इसके बाद तो पुलिस भी भौंचक्की रह गई।

यूपी से मुजफ्फरपुर तक तैयार था सप्लाई रूट

मामले में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, कारतूसों को उत्तर प्रदेश से बिहार ले जाने की योजना थी। इसके लिए आरा को रास्ते के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद खेप को मुजफ्फरपुर पहुंचाने की साजिश का शक है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रास्ते का चयन किसने किया और तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल थे।

STF खंगाल रही है तस्करी नेटवर्क

19 हजार कारतूसों की बरामदगी के बाद STF के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। कारतूस कहां से खरीदे गए, इन्हें किसे पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही वाहन के मालिक, चालक और संभावित सप्लायरों की भूमिका भी जांच के दायरे में हो सकती है।

अवैध कारतूसों की खेप से सुरक्षा पर सवाल

कारतूसों की इतनी बड़ी बरामदगी अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसी खेप का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस के लिए इस नेटवर्क के अंतिम खरीदार और संभावित इस्तेमाल का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।

कुल मिलाकर, टाटा सफारी से 19 हजार कारतूस मिलने का मामला उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच कथित तस्करी नेटवर्क की जांच का बड़ा विषय बन गया है। अब STF की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस खेप के पीछे कौन लोग थे और मुजफ्फरपुर तक कारतूस पहुंचाने की योजना किसने बनाई थी।

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