नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह 10 बजे 314 दर्ज किया गया, जो ‘Very Poor’ यानी बेहद खराब श्रेणी में आता है। इस सीजन में पहली बार दिल्ली की हवा इस श्रेणी में पहुंची है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। आरके पुरम में AQI 370, अक्षरधाम और आईटीओ में 349 तथा इंडिया गेट और जनपथ के आसपास 335 दर्ज किया गया।
AQI के 300 के पार पहुंचने के बाद GRAP के दूसरे चरण के तहत अतिरिक्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं। दिल्ली सरकार ने वाहनों की जांच, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, 1 नवंबर से शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत वाहन प्रवेश नियमों और निर्माण गतिविधियों पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य वाहनों से निकलने वाले धुएं और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
विशेषज्ञों ने लोगों को प्रदूषण के संपर्क में आने से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।