तरनतारन में सरकारी अधिकारी पर जानलेवा हमला, 90 किसानों पर FIR

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तरनतारन, 30 अक्टूबर 2026 | पंजाब के तरनतारन जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने पहुंची प्रशासनिक टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। गांव कंग में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं की जांच और वीडियोग्राफी करने पहुंचे क्लस्टर अधिकारी मनिंदर सिंह पर हमला कर दिया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वहीं, जिले में पराली जलाने के मामलों को लेकर 90 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर राहुल सिंधु ने बताया कि मनिंदर सिंह को कंग, होठियां, हंसावाला, भरोवाल, पिंडियां, खख, गोइंदवाल साहिब और मियानी का क्लस्टर अफसर लगाया गया है और उनके अधीन 3 नोडल अफसर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमला करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। खडूर साहिब के एसडीएम संजीव शर्मा ने घायल मनिंदर सिंह का हाल जाना और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

तरनतारन में पराली जलाने के सबसे अधिक मामले पंजाब के तरनतारन जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर वीरवार को पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने साफ कहा है कि आग लगाने वालों और ड्यूटी में बाधा डालने वालों पर कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।

पराली जलाने की घटनाओं की रिकॉर्डिंग कर रहे थे अधिकारी

जानकारी के मुताबिक, भूमि एवं जल संरक्षण विभाग में तैनात क्लस्टर अधिकारी मनिंदर सिंह को खडूर साहिब ब्लॉक के कई गांवों में पराली प्रबंधन की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। गुरुवार को वह गांव कंग में खेतों का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होंने खेतों में पराली जलने के पांच मामलों की पहचान की और सबूत के तौर पर उनकी वीडियोग्राफी शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनका विरोध किया और कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया।

हमले में बेहोश होकर खेत में गिर पड़े मनिंदर सिंह

अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने मनिंदर सिंह के साथ मारपीट की। हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण और गांव के सरपंच मौके पर पहुंचे।

इसके बाद घायल अधिकारी को गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए ICU में भर्ती किया। अस्पताल में उनका उपचार जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

तरनतारन जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस ने पराली जलाने के मामलों में 90 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए। प्रशासन का कहना है कि खेतों में आग लगाने और सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

डिप्टी कमिश्नर राहुल सिंधु ने अधिकारी पर हुए हमले की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। खडूर साहिब के एसडीएम संजीव शर्मा ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल अधिकारी का हाल जाना।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पराली प्रबंधन की निगरानी कर रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट या सरकारी काम में बाधा डालने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा।

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं बनी चिंता

धान की कटाई के बाद खेतों में बची पराली को जलाने से उत्तर भारत में वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है। पंजाब में प्रशासन की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक तरीके अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इसके लिए फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों, बेलर और अन्य तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि किसान खेतों में आग लगाने के बजाय पराली का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करें।

तरनतारन की इस घटना ने पराली प्रबंधन अभियान के दौरान सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा कर दिया है। अब पुलिस जांच और घायल अधिकारी की स्वास्थ्य स्थिति पर सबकी नजर है।

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