नौ सूत्रीय मांगों को लेकर देहरादून में शिक्षकों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास की ओर निकाली रैली

उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी प्रावधानों में राहत, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति समेत नौ मांगें उठाईं।

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देहरादून,उत्तराखंड, 27 अक्टूबर 2026|  उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में 24 अक्टूबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षक देहरादून पहुंचे। शिक्षकों ने परेड ग्राउंड में एकत्र होने के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर रैली निकाली। न्यू कैंट रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद शिक्षकों ने सड़क पर धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

शिक्षकों की नौ प्रमुख मांगें

प्रदर्शन में शिक्षकों ने टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े प्रावधानों में राहत देने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा शिक्षकों ने ऑनलाइन और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की अपील की।

शिक्षक संघ की मांगों में गोल्डन कार्ड से संबंधित विसंगतियों को दूर करना, शिक्षा मित्रों का नियमितीकरण, सेवाकाल में कम से कम एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देना और लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करना भी शामिल है। साथ ही शिक्षकों ने वेतन संबंधी विसंगतियां दूर करने और शिक्षण कार्य के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की मांग रखी।

शिक्षकों ने सरकार से की समाधान की अपील

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि प्रशासनिक और ऑनलाइन कार्यों में अधिक समय लगने से विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए उपलब्ध समय प्रभावित होता है। उनका मानना है कि गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में कमी आने से पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

शिक्षकों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और लंबित समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान यातायात भी प्रभावित होने की खबर सामने आई।

फिलहाल, शिक्षकों की मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर बनी हुई है। मांगों के समाधान को लेकर शिक्षक संगठन की आगे की रणनीति भी महत्वपूर्ण रहेगी।

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