दिल्ली की हवा फिर खराब, GRAP-1 लागू; प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अलर्ट, धूल और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर जोर।

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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया। इसका उद्देश्य हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना और प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण करना है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 244 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले, 20 अक्टूबर को AQI 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता में आई इस गिरावट के बाद आयोग ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहले चरण के उपाय लागू करने का फैसला लिया।

धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण के निर्देश

GRAP-1 के तहत संबंधित विभागों को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रित करने, सड़कों की सफाई, पानी के छिड़काव और निर्माण सामग्री को ढककर रखने जैसे उपायों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कचरा जलाने और निर्माण मलबे के अनुचित निपटान पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।

आयोग ने संबंधित एजेंसियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने और वायु गुणवत्ता की लगातार समीक्षा करने को कहा है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।

आम लोगों को क्या करना चाहिए?

नागरिकों को खुले में कचरा या सूखी पत्तियां जलाने से बचना चाहिए। निजी वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल कम करना, सार्वजनिक परिवहन अपनाना और वाहनों की नियमित देखभाल करना भी मददगार हो सकता है।

GRAP-1 लागू होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी स्कूल, कार्यालय या सामान्य गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। फिलहाल मुख्य जोर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर है।

दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। आधिकारिक अपडेट के लिए CAQM की वेबसाइट देखी जा सकती है।

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