नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026। यूक्रेन में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। रूस के साथ जारी युद्ध में संचार, ड्रोन संचालन और सैन्य इकाइयों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सेवा में आई रुकावटों और गति संबंधी सीमाओं ने यूक्रेनी सेना की कार्यक्षमता को प्रभावित करने की चिंता बढ़ाई है।
रॉयटर्स की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों और मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया कि एलन मस्क ने यूक्रेन की सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सैन्य नेटवर्क की गति सीमित करने का आदेश दिया था। हालांकि, रॉयटर्स इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
21 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यूक्रेन को स्टारलिंक की सुविधा देने से जुड़े फैसले स्पेसएक्स और एलन मस्क के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, न कि सीधे व्हाइट हाउस के। इससे इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर बहस और तेज हो गई है।
स्टारलिंक स्पेसएक्स की व्यावसायिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जबकि स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार की सैन्य और सुरक्षा जरूरतों के लिए विकसित नेटवर्क है। दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि हालिया विवाद में इन सेवाओं का उल्लेख कई बार एक साथ किया जा रहा है।
यूक्रेन के लिए यह नेटवर्क इसलिए अहम है क्योंकि युद्ध के दौरान पारंपरिक संचार व्यवस्था क्षतिग्रस्त होने पर भी इससे संपर्क बनाए रखने में मदद मिलती है। ड्रोन से मिलने वाली तस्वीरों और सूचनाओं को साझा करने में भी इसकी भूमिका है।
अब सवाल यह है कि क्या यूक्रेन वैकल्पिक सैटेलाइट नेटवर्क विकसित कर पाएगा, ताकि किसी एक कंपनी की सेवा पर निर्भरता कम हो सके। फिलहाल, इस विवाद का सैन्य अभियानों और अमेरिका-यूक्रेन संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर नजर बनी हुई है।