चंडीगढ़, 21 अक्टूबर 2026| हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 22 से 24 अक्टूबर तक कामकाज ठप रखने का ऐलान किया है।
यह विरोध हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के फैसले के खिलाफ किया जा रहा है।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने का फैसला कर्मचारियों और सरकारी बिजली व्यवस्था के हितों को प्रभावित कर सकता है। इसी मुद्दे पर संगठन ने राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है।
दूसरी ओर, इस फैसले के वास्तविक प्रभाव का आकलन लाइसेंस की शर्तों और लागू होने वाली व्यवस्था के आधार पर किया जाना होगा।
बिजली निगमों ने जारी किए निर्देश
हड़ताल की घोषणा के बाद बिजली निगमों ने कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाने और हड़ताल में शामिल होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन के सामने बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की चुनौती रहेगी।
आम लोगों पर क्या पड़ सकता है असर?
हड़ताल के दौरान शिकायतों के समाधान, नए कनेक्शन, बिलिंग और अन्य कार्यालयी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है। हालांकि, राज्य में बिजली आपूर्ति वास्तव में कितनी प्रभावित होगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही की जा सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि बिजली से जुड़ी जरूरी शिकायतें समय रहते दर्ज कराएं और स्थानीय बिजली निगम की सूचनाओं पर नजर रखें।