चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2026 । पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी आगामी चुनाव में किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी, बल्कि सामूहिक नेतृत्व के आधार पर चुनाव मैदान में उतरेगी। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने 15 अक्टूबर को कहा कि पार्टी एक मजबूत टीम के रूप में चुनाव लड़ेगी और जनता का जनादेश मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला किया जाएगा।
सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को ऐसा कप्तान बताया, जो सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चल सकते हैं। उनके मुताबिक, पार्टी का लक्ष्य संगठन को मजबूत करना और राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए मिलकर काम करना है।
बिना सीएम चेहरे चुनाव में उतरेगी कांग्रेस
पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पंजाब में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी एक चेहरे को आगे करके चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को जनता का जनादेश मिलने के बाद कार्यकर्ताओं, नेताओं और विधायकों की राय सुनी जाएगी। इसके बाद ही तय किया जाएगा कि राज्य का नेतृत्व कौन करेगा। पायलट ने कहा कि जब कांग्रेस विपक्ष में होती है, तो नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मिलकर चुनाव की तैयारी करते हैं। आम तौर पर किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का घोषित चेहरा नहीं बनाया जाता। सत्ता में रहने पर मौजूदा मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से चुनाव अभियान का नेतृत्व कर सकता है।
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सचिन पायलट ने उन्हें सबको साथ लेकर चलने वाला नेता बताते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में पार्टी के अलग-अलग गुट मिलकर काम करेंगे।
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद और नेतृत्व को लेकर खींचतान चर्चा में रही है। ऐसे में सामूहिक नेतृत्व की रणनीति को संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव तक एक साथ रखा जाए।
राहुल गांधी संभाल सकते हैं चुनाव अभियान की कमान
कांग्रेस की चुनावी रणनीति में राहुल गांधी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। सितंबर में आई रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी के प्रचार अभियान में राहुल गांधी प्रमुख चेहरा हो सकते हैं, जबकि राज्य में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पहले से घोषित नहीं किया जाएगा।
इस व्यवस्था में राष्ट्रीय नेतृत्व चुनाव प्रचार को दिशा देगा और पंजाब के नेता राज्य के मुद्दों पर जनता के बीच जाएंगे। पार्टी रोजगार, कृषि, कानून-व्यवस्था और राज्य से जुड़े अन्य विषयों को लेकर अपना अभियान तैयार कर सकती है।
सचिन पायलट ने जीत का जताया भरोसा
सचिन पायलट ने पंजाब में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास मजबूत टीम है और सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने चुनावी मुकाबले की तुलना क्रिकेट मैच से करते हुए कहा कि जीत के लिए पूरी टीम का एकजुट होकर प्रयास करना जरूरी है।
पायलट ने आम आदमी पार्टी को कांग्रेस का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बताया है। वहीं, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल की भूमिका को लेकर भी उन्होंने अपनी राजनीतिक राय रखी। ये चुनावी आकलन कांग्रेस नेतृत्व के बयान हैं; वास्तविक मुकाबले की तस्वीर चुनाव के दौरान मतदाताओं के रुख और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों से स्पष्ट होगी।
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। कांग्रेस ने फिलहाल मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करने और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला स्पष्ट किया है। आने वाले महीनों में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम, चुनावी घोषणाएं और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर नजर रहेगी।
चुनाव के बाद यदि कांग्रेस को बहुमत मिलता है, तो पार्टी के मुताबिक मुख्यमंत्री और अन्य जिम्मेदारियों पर फैसला नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर किया जाएगा।