अवध विश्वविद्यालय में चार छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न का आरोप, सीनियर प्रोफेसर सस्पेंड
अयोध्या, 15 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में छात्राओं की शिकायत के बाद एक वरिष्ठ प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। फाइन आर्ट्स विभाग की चार छात्राओं ने प्रोफेसर पर अनुचित तरीके से छूने, अपने केबिन में बुलाने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने जैसे आरोप लगाए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई है। इस घटनाक्रम के बाद परिसर में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
वीसी डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि फाइन आर्ट विभाग की 5 छात्राओं और उनके अभिभावकों ने उनसे मिल कर लिखित शिकायत की है। छात्राओं ने प्रफेसर पर आपत्तिजनक तरीके से स्पर्श करने और अश्लील बात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर एक छात्रा ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं और उनके अभिभावकों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर जांच शुरू करवा दी गई है।
चार छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत करने वाली छात्राएं विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स विभाग से जुड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफेसर उन्हें बहाने से अपने केबिन में बुलाते थे, अनुचित तरीके से छूते थे और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे।
इन शिकायतों के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। शिकायतों की प्रकृति को देखते हुए समिति को संबंधित तथ्यों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल ये आरोप हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकलेगा।
प्रोफेसर ने आरोपों को बताया साजिश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रोफेसर विनोद कुमार श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है और इसे साजिश करार दिया है। इस तरह मामले में शिकायतकर्ताओं के आरोप और आरोपी प्रोफेसर का पक्ष दोनों सामने आए हैं।
अब जांच समिति की जिम्मेदारी है कि वह संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करे। किसी भी पक्ष के दावे को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे पर उठे सवाल
इस मामले ने विश्वविद्यालयों में छात्राओं के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल और शिकायतों के प्रभावी निपटारे की जरूरत को फिर चर्चा में ला दिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनके जरिए शिकायतों की जांच और संस्थागत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
अवध विश्वविद्यालय के मामले में अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध हो तथा सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।