पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान, मिर्जापुर सदर सीट से लड़ेंगी 2027 का विधानसभा चुनाव
मिर्जापुर, 15 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने नई पारी का ऐलान कर दिया है। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने घोषणा की है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ेंगी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पहल ‘जननीति भारत’ की शुरुआत की है। प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आने का उनका फैसला पहले ही चर्चा में था, लेकिन अब चुनाव लड़ने के लिए सीट और राजनीतिक मंच का ऐलान होने के बाद मिर्जापुर की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
दिव्या मित्तल ने कहा है कि वे यूपी के चुनाव में उतरेंगी और जननीति भारत पार्टी से भी चुनाव लड़वाएंगी। दिव्या ने बताया कि उनकी पार्टी के तीन वचन होंगे और वे इसी आधार पर जनता के हितों के लिए काम करेंगी। जिसमें जनता की अपनी नीतियां तय करेंगी। दिव्या ने बताया कि राजनीति में आने के ऐलान के बाद जो नंबर उन्होंने लोगों के लिए जारी किया था, उसमें लोगों का जबरदस्त रिस्पांस आया है।
दिव्या मित्तल ने वीडियो जारी कर किया चुनाव लड़ने का ऐलान
15 अक्टूबर 2026 को दिव्या मित्तल ने वीडियो के जरिए अपनी राजनीतिक योजना की जानकारी दी। उन्होंने मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की और ‘जननीति भारत’ नाम से नई राजनीतिक पहल शुरू करने की बात कही। इससे पहले उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल के झंडे के नीचे राजनीति नहीं करना चाहतीं, बल्कि आम लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती हैं।
उनके इस ऐलान के बाद अब नजर इस बात पर है कि वह अपने राजनीतिक संगठन को किस तरह आगे बढ़ाती हैं और स्थानीय स्तर पर लोगों से किस प्रकार जुड़ती हैं।
IAS से राजनीति तक का सफर
दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उत्तर प्रदेश कैडर में सेवाएं देने के दौरान वह मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को आईएएस सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे 14 सितंबर को स्वीकार किए जाने की खबर सामने आई थी।
प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान मिर्जापुर में उनकी पहचान जनसमस्याओं से जुड़े मामलों को लेकर बनी। अब वह इसी अनुभव को राजनीतिक क्षेत्र में इस्तेमाल करना चाहती हैं।
मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद स्थानीय राजनीति में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। दिव्या मित्तल का मुकाबला किन उम्मीदवारों से होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए निर्वाचन आयोग ने भी अभी कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।
ऐसे में फिलहाल उनके चुनाव लड़ने की घोषणा और नई राजनीतिक पहल ही सामने आई प्रमुख जानकारी है। आने वाले समय में संगठन की संरचना, उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों पर उनकी रणनीति से जुड़ी तस्वीर स्पष्ट होगी।