अंकिता भंडारी मर्डर केस में फिर गरमाई सियासत, दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे माता-पिता

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई। परिवार की मांग है कि कथित ‘VIP एंगल’ की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति रोकी जाए। इस प्रदर्शन को कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन मिला और मामला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी यहीं से हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने CRPF के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा गया है।

अंकिता उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। साल 2022 में एक VIP को विशेष सेवाएं देने से इनकार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। संबंधित VIP की पहचान सार्वजनिक नहीं है।

अंकिता का परिवार इस मामले में लगातार दुष्यंत कुमार गौतम की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। दुष्यंत गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। अंकिता का परिवार इसी के विरोध में इंडिया गेट पर धरने पर बैठा है। बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका भी अंकिता के परिवार के समर्थन में धरने पर पहुंचे थे।

तड़के चार बजे पुलिस की कार्रवाई, माता-पिता हिरासत में लिए गए

15 अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। हालांकि, कुछ घंटों बाद अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ सख्ती की गई। पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।

माता-पिता ने दी 24 घंटे की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो आंदोलन को देशभर में फैलाया जाएगा। वहीं, अंकिता की मां ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वह अपने घर में भूख हड़ताल करेंगी।

परिवार का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मामले में उठे अनुत्तरित सवालों का जवाब और निष्पक्ष जांच चाहते हैं।

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