सीवान में विधायक विष्णुदेव पासवान पर 50 लाख की रंगदारी का आरोप

सरकारी भवन के निर्माण को लेकर घमासान

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सिवान, 06 अक्टूबर 2026 । बिहार के सीवान जिले में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दरौली विधायक विष्णुदेव पासवान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आंदर प्रखंड में बन रहे मॉडल ब्लॉक भवन के निर्माण कार्य को लेकर संवेदक ने विधायक और उनके कथित प्रतिनिधि समेत कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, निर्माण कार्य रुकवाने और जान से मारने की धमकी देने का दावा किया गया है। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, इन आरोपों को विधायक विष्णुदेव पासवान ने खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं की जांच कराने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा था। उनके मुताबिक, उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ शिकायत की गई है।

15.45 लाख के काम में 3% कमीशन का आरोप

शिकायत के मुताबिक, आंदर क्षेत्र में सरकारी ब्लॉक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण करा रहे संवेदक विवेक कुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में चिराग पासवान की पार्टी के विधायक विष्णुदेव पासवान समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संवेदक पक्ष का दावा है कि 15 लाख 45 हजार रुपये के सरकारी निर्माण कार्य में 3 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। इसके अलावा 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर काम बंद कराने और जान से मारने की धमकी दी गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने विधायक के कथित प्रतिनिधि अमित कुमार पासवान और साहेब हुसैन को हिरासत में लिया। दोनों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस शिकायत में दर्ज आरोपों के साथ-साथ पहले हुई कथित घटनाओं की भी जांच कर रही है। संवेदक ने अपनी शिकायत में पूर्व में धमकी और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों के साथ मारपीट के आरोपों का भी जिक्र किया है।

विधायक विष्णुदेव पासवान ने आरोपों को बताया गलत

विधायक विष्णुदेव पासवान ने अपने ऊपर लगाए गए 3 प्रतिशत कमीशन और रंगदारी मांगने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि मॉडल ब्लॉक भवन के निर्माण में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर उन्हें शिकायत मिली थी।

विधायक के मुताबिक, उन्होंने 16 सितंबर को भवन निर्माण विभाग के सचिव को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की थी। इसमें निर्माण की गुणवत्ता, स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी मानकों और भवन के महत्वपूर्ण हिस्सों की जांच की मांग शामिल थी। उन्होंने संबंधित संवेदक द्वारा पिछले पांच वर्षों में कराए गए कार्यों की भी जांच का अनुरोध किया था।

संवेदक और विधायक के दावे आमने-सामने

इस मामले में फिलहाल दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। संवेदक का कहना है कि उस पर पैसे देने का दबाव बनाया गया और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। दूसरी ओर, विधायक का कहना है कि उन्होंने सिर्फ निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की थी और रंगदारी या कमीशन मांगने के आरोप निराधार हैं।

ऐसे में 50 लाख रुपये की कथित मांग, 3 प्रतिशत कमीशन और निर्माण कार्य को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। FIR दर्ज होना किसी आरोप की पुष्टि नहीं माना जाता है।

संवेदक की शिकायत में 19 सितंबर और 21 सितंबर की कथित घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, 19 सितंबर को धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी गई थी, जबकि 21 सितंबर को निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर मामला दर्ज हुआ था।

अब 5 अक्टूबर की घटना के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। पुलिस इन सभी घटनाओं और आरोपों के बीच संबंध की भी जांच कर रही है।

सीवान में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ी

दरौली विधायक विष्णुदेव पासवान पर लगे आरोपों ने सरकारी निर्माण कार्य और स्थानीय राजनीति से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। एक तरफ संवेदक ने गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं, वहीं विधायक ने निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग को अपनी कार्रवाई का आधार बताया है।

अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण स्थल पर वास्तव में क्या हुआ, 50 लाख रुपये की कथित मांग किसने की और विधायक की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजर है।

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