आशुतोष मौर्य का BJP की ओर झुकाव और कुशाग्र सागर को लेकर नई चर्चा
बदायूं, 06 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक आशुतोष मौर्य उर्फ राजू के भाजपा के पक्ष में झुकाव की चर्चा के बीच अब भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर के समाजवादी पार्टी के खेमे में जाने की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि, कुशाग्र सागर के सपा में शामिल होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
बिसौली की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में आशुतोष मौर्य ने तत्कालीन भाजपा विधायक कुशाग्र सागर को सिर्फ 1,834 वोटों के अंतर से हराया था। अब दोनों नेताओं को लेकर बदलते राजनीतिक समीकरणों ने क्षेत्र की राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
कुशाग्र सागर के सपा में जाने की चर्चा
कुशाग्र सागर के सपा में जाने की चर्चा पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर तैर रही है। उनके फेसबुक पेज और कार्यालय में बदलाव को भी इसी कयास से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कुशाग्र सागर या सपा की ओर से अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खास बात यह कि कुशाग्र ने भी इन चर्चाओं पर सार्वजनिक तौर पर हामी या खंडन नहीं किया है। यही खामोशी अब सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। समर्थकों की पोस्ट में शेर जिधर जाता है, जंगल उसी का होता है, जैसे जुमले भी सामने आ रहे हैं।
आशुतोष मौर्य को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
आशुतोष मौर्य फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा में बिसौली से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में भी उनका दल समाजवादी पार्टी दर्ज है। वह 2022 में तीसरी बार विधायक निर्वाचित हुए थे।
हालांकि, उनकी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पिछले कुछ समय से सपा और भाजपा के बीच चर्चा बनी हुई है। 2025 के राज्यसभा चुनाव में उनके द्वारा पार्टी लाइन से अलग जाकर भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद उनके परिवार के कुछ सदस्यों की भाजपा में सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी।
ताजा रिपोर्ट में भी आशुतोष मौर्य के भाजपा के प्रति झुकाव को बिसौली की मौजूदा सियासी हलचल का एक प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि, उन्होंने औपचारिक रूप से सपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने की घोषणा नहीं की है।
एक ही सीट के दो पुराने प्रतिद्वंद्वी, बदला राजनीतिक संदर्भ
बिसौली की मौजूदा स्थिति इसलिए दिलचस्प है क्योंकि 2022 में आमने-सामने चुनाव लड़ चुके दोनों नेताओं के राजनीतिक संदर्भ अब अलग-अलग नजर आ रहे हैं। एक तरफ मौजूदा सपा विधायक आशुतोष मौर्य के भाजपा के प्रति झुकाव की चर्चा है, जबकि दूसरी ओर भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर को सपा से जोड़कर अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, इन संभावित बदलावों को अभी अंतिम राजनीतिक फैसला नहीं माना जा सकता। दल बदल या औपचारिक सदस्यता की घोषणा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
2027 से पहले बिसौली में टिकट की चर्चा भी तेज
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बिसौली सीट पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में भाजपा के भीतर सुषमा मौर्य और कुशाग्र सागर दोनों के नामों को लेकर चर्चा का उल्लेख किया गया था।
ऐसे में यदि कुशाग्र सागर के सपा में जाने की अटकलें आगे बढ़ती हैं, तो बिसौली में दोनों प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल यह पूरी तरह राजनीतिक अटकलों का विषय है और किसी अंतिम टिकट या गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है।
बदायूं की राजनीति पर पड़ सकता है असर
बिसौली विधानसभा क्षेत्र में सपा और भाजपा के बीच मुकाबला लंबे समय से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। 2022 में सपा ने यह सीट भाजपा से छीनी थी और जीत का अंतर काफी कम रहा था। ऐसे में प्रमुख नेताओं की राजनीतिक गतिविधियां आगामी चुनाव से पहले स्थानीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कुशाग्र सागर वास्तव में सपा का दामन थामते हैं और क्या आशुतोष मौर्य भाजपा के साथ औपचारिक रूप से जाते हैं। दोनों मामलों में आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही बदायूं की बिसौली सीट का अगला सियासी समीकरण साफ होगा।