दिल्ली रिज की विरासत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, LG टीएस संधू ने लॉन्च की ई-बुक और हेरिटेज ट्रेल

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नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2026 । दिल्ली रिज की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अब डिजिटल माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने संजय वन में आयोजित हेरिटेज वॉक की अगुआई करते हुए दिल्ली रिज की विरासत पर आधारित एक विशेष ई-बुक लॉन्च की। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इतिहास-वास्तुकला की जानकारी

हेरिटेज वॉक में सांसद रामवीर सिंह बिधुड़ी, महरौली के विधायक गजेंद्र यादव, डीडीए के वाइस चेयरमैन एन सरवन कुमार समेत करीब 200 हेरिटेज और प्रकृति प्रेमी शामिल हुए। वॉक के दौरान संजय वन में छोटे दुर्ग, बड़े दुर्ग और ऐतिहासिक लालकोट वॉल देखी गई। इटेक दिल्ली चैप्टर की अडवाइजर डॉ. स्वप्ना लिडल ने लोगों को यहां के इतिहास और वास्तुकला की जानकारी दी।

लॉन्च हुई ‘Exploring the Delhi Ridge’ ई-बुक

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और INTACH दिल्ली चैप्टर की ओर से तैयार की गई ई-बुक का नाम “Exploring the Delhi Ridge: Reviving the Heritage of the Lungs of Delhi” है। इसमें दिल्ली रिज के विभिन्न हिस्सों में मौजूद ऐतिहासिक और वास्तु विरासत को एक डिजिटल संसाधन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इस डिजिटल प्रकाशन में नॉर्दर्न, सेंट्रल, साउथ सेंट्रल और सदर्न रिज से जुड़े विरासत स्थलों को शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग इलाकों में बिखरी ऐतिहासिक धरोहर को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समझना आसान होगा।

ई-बुक में दिल्ली रिज क्षेत्र के लिए आठ हेरिटेज ट्रेल्स तैयार किए गए हैं। इन ट्रेल्स के जरिए लोग ऐतिहासिक स्मारकों, संरचनाओं और उनसे जुड़े इतिहास को व्यवस्थित तरीके से जान सकेंगे।
इस पहल में QR आधारित इंटरप्रिटेशन सिस्टम भी शामिल किया गया है। हेरिटेज साइट्स पर लगाए जाने वाले साइन बोर्ड और QR कोड लोगों को मोबाइल के जरिए संबंधित स्थल की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। डिजिटल मैप, तस्वीरों और शोध आधारित विवरण के जरिए विरासत स्थलों को समझने का नया माध्यम तैयार किया गया है।

243 ऐतिहासिक संरचनाओं का डिजिटल रिकॉर्ड

इस परियोजना के तहत 243 जियो-कोऑर्डिनेटेड विरासत संरचनाओं का रिकॉर्ड भी तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली रिज में मौजूद निर्मित विरासत की पहचान और दस्तावेजीकरण को मजबूत करना है।
डिजिटल रिकॉर्ड में ऐतिहासिक संरचनाओं की स्थिति, स्थान और उनसे जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित किया गया है। इससे भविष्य में इन स्थलों के संरक्षण और अध्ययन में भी मदद मिल सकती है।

संजय वन में हेरिटेज वॉक का आयोजन

ई-बुक लॉन्च से पहले संजय वन में हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। इस दौरान प्रतिभागियों को स्मॉल फोर्टिफिकेशन, लार्ज फोर्टिफिकेशन और ऐतिहासिक लालकोट वॉल जैसे स्थलों से परिचित कराया गया।
हेरिटेज वॉक के दौरान इतिहास, वास्तुकला और संरक्षित विरासत स्थलों से जुड़ी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में करीब 200 हेरिटेज और नेचर एंथूजियास्ट ने हिस्सा लिया।

युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश

दिल्ली रिज केवल हरित क्षेत्र ही नहीं बल्कि राजधानी की ऐतिहासिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। डिजिटल माध्यम के जरिए इस विरासत को नई पीढ़ी और आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने की कोशिश की जा रही है।
ई-बुक, डिजिटल मैप, QR कोड और हेरिटेज ट्रेल जैसी सुविधाएं लोगों को बिना किसी विस्तृत शोध के भी संबंधित स्थल की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व समझने में मदद करेंगी। इससे विरासत स्थलों के प्रति जन-जागरूकता और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

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