पंजाब , 25 सितंबर 2026 । भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों ने हथियारों की तस्करी की एक और कोशिश को नाकाम किया है। पंजाब के फाजिल्का जिले में BSF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक ड्रोन और उसके साथ चीन निर्मित पिस्टल, मैगजीन तथा जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि हथियारों की खेप किसके लिए भेजी गई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।
थाना खालडा के एएसआई शिंगारा सिंह ने कहा कि पुलिस ने कार्रवाही करते हुए मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस ने मामला नं 260 असला एक्ट की धारा मामला 25/54/59 तहत दर्ज कर लिया है और इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा यह पिस्तौल और मैगजीन किसी अज्ञात आदमी द्वारा पाकिस्तान से मंगवाया गया था जो इस मामले में जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य खुलासे होने की सम्भावना बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह बरामदगी पंजाब के फाजिल्का जिले के तहलीवाला गांव के पास एक धान के खेत से हुई। BSF को हथियारों की तस्करी से जुड़ी सूचना मिली थी। इसके बाद घुबाया पुलिस के साथ मिलकर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक ड्रोन मिला। जांच करने पर उसके साथ हथियारों की खेप भी बरामद हुई। अधिकारियों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाकर संभावित अन्य सामान की भी जांच की।
चीन निर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बरामद सामान में एक चीन निर्मित पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा कारतूस शामिल हैं। ड्रोन को भी जब्त कर लिया गया है।
हथियारों की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों को सीमा पार से किस स्थान तक पहुंचाया जाना था और भारतीय क्षेत्र में इन्हें रिसीव करने वाला कौन था।
भारतीय क्षेत्र में अंदर तक आया था ड्रोन
रिपोर्ट के मुताबिक ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ को पार कर भारतीय क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर तक अंदर आया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को इसकी गतिविधि की जानकारी मिली और तलाशी अभियान शुरू किया गया।
ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी की घटनाएं पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे मामलों में ड्रोन की उड़ान, उसके रूट और हथियारों की डिलीवरी से जुड़े लोगों की पहचान अहम जांच बिंदु रहती है।
बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियारों की खेप किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने हथियार जब्त कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच में ड्रोन के इस्तेमाल, उसके संभावित ऑपरेटर और सीमा पार से हथियार भेजने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सीमा पर ड्रोन के जरिए तस्करी बड़ी चुनौती
पंजाब में इससे पहले भी BSF ने पाकिस्तान की तरफ से आए ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जाने के मामलों में बरामदगी की है। सितंबर 2026 में अमृतसर क्षेत्र में भी BSF ने संदिग्ध सीमा-पार खेप से पिस्टल और मैगजीन बरामद की थीं।
ड्रोन का इस्तेमाल होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए सीमा पार से आने वाली ऐसी खेपों की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। बरामदगी के बाद स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय से नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने में जुटती हैं।
फिलहाल बरामद हथियारों और ड्रोन को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। अधिकारियों का प्रयास है कि हथियारों की खेप के स्रोत, संभावित रिसीवर और सीमा पार से इसे भेजने वाले नेटवर्क की पहचान की जा सके।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस खेप को किस उद्देश्य से भारतीय क्षेत्र में भेजा गया था और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।