चंडीगढ़ , 17 सितंबर 2026 । पंजाब के मानसा जिले की बरेटा मंडी की एक छोटी-सी वर्कशॉप में तैयार हुए फावड़े अचानक अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में आ गए। 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BRICS कार्यक्रम के वृक्षारोपण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई नेताओं ने इन्हीं फावड़ों से पौधारोपण के लिए मिट्टी खोदी। इन फावड़ों को बरेटा मंडी के कारीगर गुरनाम सिंह और उनके परिवार ने तैयार किया था।
कैसे मिला BRICS का ऑर्डर
गुरनाम ने भी लंबे समय तक यही काम किया, हालांकि अब उनका मुख्य कारोबार बदल चुका है। आज गुरनाम की वर्कशॉप में लकड़ी और पीतल से हाथ से तैयार की गई वॉकिंग स्टिक बनाई जाती हैं। इनमें ग्राहकों की पसंद के मुताबिक खास डिजाइन वाली छड़ियां भी शामिल हैं। गुरनाम के मुताबिक, BRICS के लिए फावड़े बनाने का ऑर्डर उनके परिवार के पुराने काम की तरफ लौटने जैसा था। गुरनाम के 23 वर्षीय बेटे जतिन ने बताया कि परिवार की बनाई एक वॉकिंग स्टिक दिल्ली में किसी व्यक्ति को उपहार में दी गई थी। इसी के जरिए BRICS समारोह की तैयारी कर रही टीम तक परिवार के काम की जानकारी पहुंची। इसके बाद परिवार से पहले दो फावड़ों के नमूने तैयार करने को कहा गया।
पीतल और लकड़ी के काम से बने खास फावड़े
BRICS कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए फावड़े सामान्य कृषि उपकरणों से अलग थे। इनमें अतिरिक्त मोल्डिंग, लकड़ी का काम और सजावटी फिनिशिंग की गई थी। परिवार के मुताबिक सामान्य फावड़े की कीमत करीब 2,000 रुपये होती है, जबकि BRICS के लिए तैयार किए गए विशेष फावड़ों की कीमत और ऑर्डर की कुल राशि परिवार ने सार्वजनिक नहीं की।
गुरनाम सिंह के लिए फावड़ा बनाना कोई नया काम नहीं था। उनके पिता और दादा भी कृषि उपकरण तैयार करते थे। हालांकि बदलते समय के साथ परिवार ने अपने कारोबार को वॉकिंग स्टिक की ओर बढ़ाया। BRICS का यह ऑर्डर उनके पुराने पारंपरिक हुनर की दोबारा वापसी जैसा रहा।
सोशल मीडिया से बढ़ा परिवार का कारोबार
गुरनाम सिंह के बेटे जतिन ने जनवरी 2026 में Instagram के जरिए परिवार के उत्पादों को प्रदर्शित करना शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, ‘GS Agriculture Fabrication Works’ के सोशल मीडिया पेज से करीब 29 हजार लोग जुड़े हैं। सोशल मीडिया के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑर्डर मिलने लगे और परिवार ने विदेशों से भी ऑर्डर आने की जानकारी दी है।
यानी एक तरफ परिवार ने खेती के औजार बनाने की पुरानी विरासत को संभालकर रखा, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया के जरिए अपने नए उत्पादों को देश और विदेश के ग्राहकों तक पहुंचाया। इसी नेटवर्क के जरिए तैयार हुई एक वॉकिंग स्टिक दिल्ली पहुंची और आगे चलकर BRICS समारोह के लिए फावड़ों का ऑर्डर मिलने का रास्ता बना।
बरेटा मंडी से वैश्विक मंच तक पहुंची कारीगरी
12 सितंबर को भारत मंडपम में हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम में गुरनाम सिंह की वर्कशॉप के बनाए फावड़ों का इस्तेमाल हुआ। एक छोटे कस्बे की वर्कशॉप में तैयार कृषि उपकरणों का प्रधानमंत्री मोदी, पुतिन और जिनपिंग जैसे नेताओं के हाथों में पहुंचना परिवार के लिए खास उपलब्धि बन गया।
इस कहानी में सिर्फ BRICS समारोह की चमक नहीं, बल्कि पंजाब की पारंपरिक कारीगरी, परिवार की तीन पीढ़ियों के हुनर और बदलते दौर में सोशल मीडिया के जरिए छोटे कारोबार के विस्तार की कहानी भी दिखाई देती है। गुरनाम सिंह का फावड़ा कुछ ही दिनों के लिए सही, लेकिन बरेटा मंडी के स्थानीय हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का माध्यम बन गया।