अलीगढ़ में मसाला फैक्ट्री पर FSDA का छापा, 4 क्विंटल संदिग्ध मसाला सीज
अलीगढ़ , 16 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हरदुआगंज क्षेत्र के नगला मीरपुर-कलई में स्थित एक मसाला फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान करीब 4 क्विंटल संदिग्ध मिलावटी मसाले जब्त किए गए। टीम ने मौके से धनिया, हल्दी और मिर्च पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
वही FSDA टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 4 क्विंटल मिलावटी मसाले सीज कर दिए है। इन मसालों की अनुमानित कीमत करीब 89700 बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से अन्य फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया।
धनिया, हल्दी और मिर्च पाउडर बरामद
FSDA की कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से करीब 155 किलो धनिया पाउडर, 153 किलो हल्दी पाउडर और 102 किलो मिर्च पाउडर बरामद किया गया। इन मसालों को फिलहाल सीज कर दिया गया है और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 89,700 रुपये बताई गई है। विभाग की कार्रवाई के बाद इलाके में अन्य मसाला कारोबारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पहुंची FSDA टीम
रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग को नगला मीरपुर इलाके में मसाला तैयार करने वाली फैक्ट्री में कथित तौर पर मिलावटी मसाले तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद FSDA अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
अधिकारियों ने फैक्ट्री में रखे मसालों और तैयार पाउडर की जांच की तथा अलग-अलग उत्पादों के नमूने सुरक्षित किए। इसके बाद संदिग्ध स्टॉक को सीज करने की कार्रवाई की गई।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
FSDA ने मसालों के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे हैं। अब लैब रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि जब्त किए गए मसालों में किस स्तर की मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए फिलहाल बरामद मसालों को जांच के अंतिम नतीजे तक संदिग्ध सामग्री के तौर पर देखा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग का अभियान
अलीगढ़ में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताई गई है। मसाले सीधे लोगों के भोजन का हिस्सा होते हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर रहती है।
FSDA की कार्रवाई का उद्देश्य मानकों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों की पहचान करना और संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना है।
मिलावट पर सख्ती का संदेश
मसाला फैक्ट्री पर कार्रवाई के बाद विभाग ने खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों को गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने का संदेश दिया है। वहीं, जब्त सामग्री की लैब जांच के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
फिलहाल करीब 4 क्विंटल मसाला सीज होने के बाद मामले की अगली कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर है।