चंदन सिंह जीना कौन हैं? हरीश रावत के करीबी के घर ED रेड में 32 लाख कैश और सोना बरामद

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देहरादून, 12 सितंबर 2026। उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के करीबी चंदन सिंह जीना इन दिनों चर्चा में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उनका नाम सुर्खियों में आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, जीना के घर हुई तलाशी में 32 लाख रुपये नकद, करीब 200 ग्राम सोना और कई महंगी घड़ियां मिलने की बात सामने आई है। ED की कार्रवाई का संबंध वर्ष 2016 की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी जांच से बताया जा रहा है।

ईडी की कार्रवाई में 32 लाख रुपए नकद, 200.5 ग्राम सोने के सिक्के और चेन (13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन), रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो एडिफिस जैसे ब्रांडों की 12 लग्जरी घड़ियां बरामद हुई है। ईडी ने चंदन जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खाते सीज कर दिए हैं।

कौन हैं चंदन सिंह जीना?

चंदन सिंह जीना हरीश रावत के करीबी सहयोगी रहे हैं। वह 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के तौर पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में भी वह हरीश रावत के निजी सहायक के रूप में जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लंबे समय से रावत के साथ जुड़े रहने के कारण जीना की भूमिका चर्चा में रही है। अब ED की कार्रवाई के बाद उनका नाम एक कथित भर्ती अनियमितता से जुड़ी जांच में सामने आया है।

घर से क्या-क्या मिला?

ED की तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा करीब 200 ग्राम सोना और कई लग्जरी घड़ियों का भी जिक्र रिपोर्टों में किया गया है। कुछ रिपोर्टों में बैंक खातों में करीब 52 लाख रुपये की राशि से संबंधित जानकारी भी सामने आई है।

हालांकि, इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और क्या इनका किसी अपराध से संबंध है, यह जांच का विषय है। केवल तलाशी में किसी संपत्ति या नकदी की बरामदगी अपने आप में अपराध साबित नहीं करती।

2016 की VDO भर्ती परीक्षा से क्या कनेक्शन?

ED की कार्रवाई को उत्तराखंड में वर्ष 2016 में हुई ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच से जोड़ा गया है। एजेंसी इस मामले में पैसों के लेनदेन और अन्य संभावित वित्तीय कड़ियों की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद नकदी, सोना और अन्य संपत्तियों का कथित भर्ती अनियमितता से कोई संबंध है या नहीं। इस मामले में आगे की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

हरीश रावत ने क्यों दिया इस्तीफा?

ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस में अपने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनसे जुड़े किसी भी विवाद की वजह से विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई कमजोर पड़े।

रावत ने चंदन सिंह जीना का बचाव करते हुए उन्हें सज्जन और मेहनती व्यक्ति बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं है और जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।

इस्तीफे के साथ हरीश रावत ने यह भी संकेत दिया कि वह आगे खुद चुनाव लड़ने के बजाय पार्टी को चुनाव जिताने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए उनके इस फैसले को महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

रावत ने अपनी सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में सरकारी भर्तियां किए जाने का भी बचाव किया और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

चंदन सिंह जीना के घर से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और महंगी घड़ियां मिलने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। हालांकि, इन संपत्तियों का वास्तविक स्रोत और उनका 2016 की भर्ती परीक्षा से कोई संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है।

फिलहाल ED की कार्रवाई और हरीश रावत के इस्तीफे ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की कार्रवाई और सामने आने वाले दस्तावेज इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकते हैं।

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