DUSU चुनाव की रंजिश ने लिया हिंसक रूप

दो युवकों को स्कॉर्पियो में अगवा कर पीटा और सड़क किनारे फेंका

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नई दिल्ली, 05 सितंबर2026 । दिल्ली में डूसू चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश के चलते दो युवकों के साथ कथित मारपीट और अपहरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों युवकों को स्कॉर्पियो में जबरन बैठाया गया और रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई। बाद में दोनों को सड़क पर फेंक दिया गया। घटना में एक पुलिसकर्मी का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है।

क्या है आरोप

आरोप है कि फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो कार में सवार 10 से 15 लड़कों ने उदित कुमार और उसके दोस्त नितिन को जबरन कार में बैठाया। बाद में गुजरांवाला टाउन स्थित विनायक अस्पताल के पास सड़क पर फेंक दिया। डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि गुरुवार शाम शिव शंकर चौक, वजीरपुर गांव के पास दो लड़कों के साथ मारपीट और उन्हें जबरन कार में ले जाने की सूचना मिली थी।

दोस्त को बचाने की कोशिश पड़ी भारी

रिपोर्ट के मुताबिक, एक युवक को जबरन ले जाते देख उसके दोस्त ने उसे बचाने की कोशिश की। इसी दौरान हमलावरों ने कथित तौर पर दूसरे युवक को भी पकड़ लिया और दोनों को गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद स्कॉर्पियो में दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है।

सड़क पर फेंककर फरार हुए आरोपी

आरोप है कि दोनों युवकों को कुछ दूरी तक ले जाने के बाद आरोपियों ने उन्हें सड़क पर फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस अब वारदात से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

चुनावी रंजिश की जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में घटना के पीछे डूसू चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। हालांकि पूरी वारदात के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।

छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान राजनीतिक और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में चुनावी प्रतिस्पर्धा के बीच हिंसा या आपराधिक घटनाओं के आरोप सामने आने से छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पुलिस खंगाल रही घटनाक्रम

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पीड़ितों से जानकारी लेने के साथ घटना में इस्तेमाल वाहन और संभावित आरोपियों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चुनावी माहौल में बढ़ी पुलिस की चुनौती

डूसू चुनाव के दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज रहती हैं। ऐसे में किसी भी विवाद को हिंसक रूप लेने से रोकना पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चुनौती रहता है। इस घटना के बाद भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है।

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