नई दिल्ली, 04 सितंबर2026 । हुमा कुरैशी आज बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। फिल्मों में पहचान बनाने से पहले उन्हें अपने करियर और खर्चों को लेकर काफी सोच-समझकर कदम उठाने पड़ते थे।
दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए।
फिर एक मोबाइल ऐड के सेट पर हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। अनुराग कश्यप ने उन्हें गैंग्स ऑफ वासेपुर में मौका दिया। फिल्म हिट हुई, लेकिन हुमा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन, ट्रोलिंग और लिंकअप की अफवाहों के बीच उन्होंने अलग-अलग किरदारों से पहचान बनाई।
मुंबई में सपनों के साथ संघर्ष
मुंबई में फिल्मी करियर बनाने का सपना लेकर आने वाले कलाकारों के लिए शुरुआती दौर आसान नहीं होता। हुमा के लिए भी यह सफर लगातार मेहनत, ऑडिशन और इंतजार से जुड़ा रहा। आर्थिक रूप से खुद को संभालते हुए करियर में आगे बढ़ना उनके संघर्ष का अहम हिस्सा रहा।
आज सफल अभिनेत्री हैं हुमा
हुमा कुरैशी ने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर इंडस्ट्री में अपनी जगह मजबूत की। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने ओटीटी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है।
संघर्ष की कहानी देती है प्रेरणा
हुमा की यह कहानी बताती है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कलाकारों को कितने संघर्षों से गुजरना पड़ सकता है। आज जिस अभिनेत्री को बड़े पर्दे और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलता मिली है, उनके शुरुआती दिनों में खर्च बचाने के लिए पैदल चलना भी जिंदगी का हिस्सा रहा।
हुमा कुरैशी का करियर इस बात का उदाहरण है कि शुरुआती आर्थिक या पेशेवर मुश्किलें किसी कलाकार की मंजिल तय नहीं करतीं। लगातार काम और सही अवसर मिलने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।