9 साल से सऊदी अरब में फंसे इंद्रमणि नौटियाल की घर वापसी की जगी उम्मीद, बेटी की जिद और CM धामी की पहल बनी सहारा

0

देहरादन, 13 अगस्त 2026 । उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गौरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल पिछले करीब नौ वर्षों से सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। रोजगार की तलाश में 2018 में सऊदी अरब गए इंद्रमणि वहां रियाद की एक कंपनी में ट्रक चालक के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान हुए सड़क हादसे के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया ने उनकी जिंदगी को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया कि वह वर्षों से अपने घर और परिवार से दूर हैं। अब उनकी बेटी की लगातार कोशिशों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद परिवार को उनकी स्वदेश वापसी की नई उम्मीद जगी है।

उत्तराखंड सरकार ने परिवार की आर्थिक मदद के साथ ही इंद्रमणि को देश वापस लाने के लिए पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सऊदी अरब में बंधक जैसी स्थिति में रह रहे इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर भारत सरकार के स्तर से तत्काल आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने प्रकरण में आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें बंधक अवस्था से मुक्त कराकर सकुशल भारत वापस लाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप का आग्रह किया है।

CM धामी ने जयशंकर को लिखा पत्र

मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इंद्रमणि को आवश्यक न्यायिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें कथित बंधक जैसी स्थिति से बाहर निकालकर सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की अपील की है।

सीएम धामी ने यह भी कहा है कि विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों की मदद के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री की पहल के बाद परिवार को अब केंद्र सरकार के स्तर पर समाधान निकलने की उम्मीद बढ़ी है।

अब विदेश मंत्रालय की कार्रवाई पर नजर

मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण इंद्रमणि की वापसी आसान नहीं होगी। सऊदी अरब में लंबित कानूनी और आर्थिक दायित्वों को संबंधित अधिकारियों के समन्वय से सुलझाना होगा। ऐसे में विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन की भूमिका अहम हो सकती है।

फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल ने नौ वर्षों से अपने पिता की राह देख रही बेटी और परिवार को उम्मीद दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भारत सरकार और सऊदी अधिकारियों के बीच बातचीत के जरिए इंद्रमणि नौटियाल की सुरक्षित स्वदेश वापसी का रास्ता कब निकलता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.