अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाइए, फीस हम पर छोड़ दीजिए’, बांकीपुर के लिए प्रशांत किशोर का दूसरा मास्टर स्ट्रोक

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पटना, 13 अगस्त 2026 । बिहार की राजनीति में अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले जन सुराज के नेता और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाएं और फीस की चिंता उन पर छोड़ दें। किशोर का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर अभिभावकों को आर्थिक राहत दिलाने के लिए स्कूल प्रबंधन के साथ व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है।

बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने अपने क्षेत्र के लोगों को एक और तोहफा दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि इलाके के गरीब घरों के बच्चे सरकारी स्कूल की हालत नहीं सुधरने की स्थिति में प्राइवेट स्कूलों में पढ़ेंगे। उनके फीस की चिंता अभिभावक प्रशांत किशोर पर छोड़ देंगे। उन्होंने एक वार्ड में अपने आभार दौरे के दौरान इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि आपने अपना काम कर दिया है। अब मेरी बारी है, करने की। जो चार बातें मैंने कही। 60 साल से ज्यादा उम्र के जो भी महिला पुरुष हैं। जो योग्य हैं। उनको 1100 रुपया पेंशन बिना कोई रिश्वत दिए हुए। बिना किसी परेशानी के अगले तीन महीना में सुचारू तौर पर मिलने लगेगा।

प्रशांत किशोर का दूसरा मास्टर स्ट्रोक!

उन्होंने कहा कि जो हमारी जिम्मेदारी है। हमारी जिम्मेदारी है कि वो 1100 रुपया हर हाल में आपको, यदि आप साठ साल से ऊपर के हैं, वो मैं आपको तीन महीना में कराकर दे दूंगा। दूसरी बात, जिनका राशन कार्ड से नाम काट दिया गया है। उसको लेकर मैंने कहा है कि जैसे ही शपथ मेरा अभी हो जाएगा। कार्यालय मेरा काम शुरू करेगा। मुश्किल से दो से तीन महीने में। हर वो आदमी जिसको राशन कार्ड मिलना चाहिए। वो राशन कार्ड मिलेगा।

मार्च 2027 तक फीस में राहत देने का लक्ष्य

प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। उनके मुताबिक, क्षेत्र में करीब 70 फीसदी लोग बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों पर निर्भर हैं। ऐसे में फीस का बोझ कम करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने संकेत दिया कि मार्च 2027 तक प्राइवेट स्कूलों के संचालकों के साथ बातचीत करके ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।

‘अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाइए’

प्रशांत किशोर का यह बयान बांकीपुर के लिए उनके शिक्षा संबंधी एजेंडे का अहम हिस्सा माना जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर नहीं होगी, तब तक बच्चों और परिवारों की स्थिति में बड़ा बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे बच्चों की शिक्षा को लेकर परेशान न हों और प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का विकल्प अपनाएं, जबकि फीस से जुड़ी चिंता का समाधान करने की कोशिश उनकी ओर से की जाएगी।

बांकीपुर को मॉडल विधानसभा बनाने की कोशिश

प्रशांत किशोर लगातार बांकीपुर में शिक्षा, रोजगार, पेंशन, राशन और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं के तौर पर सामने रख रहे हैं। प्राइवेट स्कूल फीस में राहत का ऐलान इसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि निजी स्कूलों की फीस में राहत देने की व्यवस्था किस मॉडल के तहत लागू होगी और इसका वित्तीय बोझ कौन उठाएगा। फिलहाल किशोर ने स्कूल संचालकों के साथ बातचीत के जरिए व्यवस्था तैयार करने की बात कही है। अगर यह योजना जमीन पर लागू होती है, तो बांकीपुर में शिक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रयोग साबित हो सकता है।

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