नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026 । दिल्ली में बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) प्रतिष्ठानों को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। सरकार मौजूदा बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना/कानून को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे राजधानी में इस व्यवस्था के तहत पंजीकृत करीब 750 प्रतिष्ठानों को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य पुराने नियमों को हटाकर ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जो मौजूदा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप हो।
बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून खत्म होने के बाद क्या होगा
सदन में पेश विधेयक के अनुसार, नई नीति लागू होने तक बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों के नए रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे और मौजूदा लंबित आवेदनों की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी। हालांकि, दिल्ली में पहले से बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत चल रहे 750 प्रतिष्ठानों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। यानी जब तक उनके लाइसेंस की अवधि खत्म नहीं होती, तब तक वे चलते रहेंगे।
750 B&B प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा सीधा असर
दिल्ली में बड़ी संख्या में मकान और छोटे आवासीय प्रतिष्ठान बेड एंड ब्रेकफास्ट मॉडल के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों में घरेलू माहौल में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। मौजूदा व्यवस्था समाप्त होने की स्थिति में पहले से पंजीकृत करीब 750 प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर सरकार की ओर से संक्रमणकालीन राहत दी जा सकती है।
फिलहाल इन प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद करने के बजाय नई व्यवस्था लागू होने तक राहत देने की संभावना है। इससे उन संचालकों को अपना कारोबार व्यवस्थित करने और नए नियमों के अनुसार जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का समय मिल सकेगा।
पुराने नियमों की जगह नई व्यवस्था पर जोर
बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को खत्म करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नियमों को सरल बनाना माना जा रहा है। समय के साथ दिल्ली में होमस्टे, सर्विस अपार्टमेंट और छोटे स्तर के पर्यटक आवास की मांग बढ़ी है। ऐसे में सरकार मौजूदा नियमों की समीक्षा कर अधिक व्यावहारिक और आधुनिक व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है।
नई व्यवस्था में पंजीकरण, सुरक्षा मानकों, पर्यटकों की सुविधा, अग्नि सुरक्षा और स्थानीय नियमों से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया जा सकता है। इससे कारोबारियों के लिए नियमों का पालन करना आसान होने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने की कोशिश होगी।
पर्यटन क्षेत्र को मिल सकती है नई दिशा
दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती है। होटल के अलावा B&B और होमस्टे जैसी सुविधाएं पर्यटकों को अपेक्षाकृत किफायती ठहरने का विकल्प देती हैं। ऐसे में सरकार की नई नीति का असर दिल्ली के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी कारोबार पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि नई व्यवस्था में पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाया जाता है और अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं को कम किया जाता है, तो छोटे आवासीय कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों को मजबूत रखना भी जरूरी होगा ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मौजूदा संचालकों को फिलहाल राहत
करीब 750 पंजीकृत B&B प्रतिष्ठानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कानून या योजना में बदलाव के दौरान उन्हें तत्काल कारोबार बंद करने की स्थिति का सामना न करना पड़े। सरकार की ओर से संक्रमण अवधि में राहत मिलने से संचालकों को नई नीति के अनुसार अपने दस्तावेज और व्यवस्था तैयार करने का अवसर मिलेगा।
इस बदलाव से दिल्ली में छोटे होटल, होमस्टे और B&B कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी नई उम्मीद जगी है। हालांकि, अंतिम राहत और नई व्यवस्था की शर्तें सरकार की औपचारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगी।