सुल्तानपुर विधायक पर रेप के प्रयास का आरोप, MLA ने आरोपों को बताया साजिश

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नई दिल्ली, 05 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से विधायक पर एक महिला द्वारा रेप के प्रयास का आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। महिला ने पुलिस से शिकायत कर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पीड़िता ने आपबीती बताई है। उसने आरोप लगाया कि विधायक विनोद सिंह काफी समय से उस पर दबाव बना रहे थे। 3 जून को लखनऊ स्थित फ्लैट पर विधायक ने उसे बुलवाया और शराब के नशे में उसके साथ अभद्रता करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की।

गनर पर एसिड अटैक की धमकी देने का आरोप

महिला का आरोप है कि विधायक के गनर धनंजय यादव ने उसे और उसकी 10 साल की बेटी को सामूहिक दुष्कर्म और एसिड अटैक की धमकियां दीं। महिला ने लखनऊ की स्थानीय पुलिस पर विधायक का साथ देने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस से कोई मदद न मिलने पर वह न्याय के लिए दिल्ली पहुंची है।

वहीं, विधायक ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें “फर्जी एनओसी (NOC) कांड में दर्ज एफआईआर से बचने के लिए रचा गया षड्यंत्र” बताया है। उनका कहना है कि आरोप लगाने वाली महिला और उससे जुड़े लोगों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। विधायक ने दावा किया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आने पर सभी आरोप निराधार साबित होंगे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। शिकायत, उपलब्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के लिए निष्पक्षता और साक्ष्य-आधारित जांच सबसे महत्वपूर्ण होती है। आरोप और बचाव, दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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