जींद, 01 अगस्त 2026 । सोशल मीडिया पर दोस्ती कर लोगों को भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले एक मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश की रहने वाली ‘अंजली’ नामक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्यक्ति से दोस्ती की और धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद बीमारी, पारिवारिक संकट और शादी की तैयारी जैसे बहाने बनाकर उससे 1.88 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
क्या है पूरा मामला?
थाना साइबर क्राइम के प्रभारी उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि रेलवे रोड निवासी नितिन ने शिकायत दी थी कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान एक युवती से हुई। उसने अपना नाम शिल्पी उर्फ अंजली बताया। बातचीत के दौरान महिला ने बीमारी और शादी का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में उससे कुल 1,88,780 रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी और रकम की मांग करने लगी। इससे उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया केस
शिकायत मिलते ही थाना साइबर क्राइम में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.24 लाख रुपए की राशि होल्ड करवा दी। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हसनपुर (मथुरा, उत्तर प्रदेश) निवासी महिला आरोपी शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर 50,000 रुपए की राशि भी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित को जब लंबे समय तक पैसे वापस नहीं मिले और महिला के बहाने लगातार बढ़ते गए, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर, डिजिटल लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच करते हुए आरोपी महिला की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरह के तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया था या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया और ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली इस तरह की भावनात्मक ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे अपराधी पहले भरोसा कायम करते हैं और फिर किसी न किसी मजबूरी का हवाला देकर पैसे मांगते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बने नए परिचितों को बिना पूरी जांच-परख के आर्थिक मदद न करें। किसी भी व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान सत्यापित करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आए तो तुरंत साइबर पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।