देहरादून, 31 जुलाई 2026 । उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग सहित आठ जिलों के लिए भारी बारिश और संभावित बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी मार्गों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है।
इन जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका
आईएमडी के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के साथ जलभराव और फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।
राहत एवं बचाव दलों को रखा गया तैयार
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, स्थानीय अधिकारियों को सक्रिय रखने और किसी भी मार्ग के बाधित होने पर उसे तुरंत खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है, जबकि स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ मार्गों पर यातायात अस्थायी रूप से रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ समय तक कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है और किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार आगे के कदम उठाए जा रहे हैं।