बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की भावुक अपील, ‘बच्चों का चेहरा याद कर 30 जुलाई को वोट डालें

0

पटना, 28  जुलाई 2026 । बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने मतदाताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि “30 जुलाई को मतदान करने जाएं तो अपने बच्चों का चेहरा याद कर वोट डालें।” उनकी इस अपील को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भविष्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार और बेहतर शासन को मतदान से जोड़ने का प्रयास किया है।

‘बच्चों का चेहरा याद कर 30 जुलाई को वोट डालें’

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को गोरिया टोली में आयोजित मोहल्ला मीटिंग में मतदाताओं से 30 जुलाई को अपने बच्चों का चेहरा याद कर वोट डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी का अहंकार तोड़ा जाना चाहिए। पूरे बिहार का बोझा बांकीपुर की जनता के सिर पर है। इस बार गलती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनता से कहा कि बांकीपुर में सत्ताधारी पार्टी का अहंकार तोड़ दें। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार का बोझा बांकीपुर की जनता के सिर पर है। इस बार गलती नहीं होनी चाहिए।

प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि मतदान केवल किसी उम्मीदवार को जिताने या हराने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को तय करने का अवसर है। उन्होंने मतदाताओं से जाति, धर्म और पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन जैसे मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उनका संदेश खासकर युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भावनात्मक अपील चुनावी माहौल में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रभावी माध्यम हो सकती है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि मतदाता इसे कितना स्वीकार करते हैं। बांकीपुर जैसे शहरी और राजनीतिक रूप से जागरूक क्षेत्र में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की छवि, पार्टी का संगठन और चुनावी समीकरण भी परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। ऐसे में 30 जुलाई को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि प्रशांत किशोर की भावनात्मक अपील मतदाताओं पर कितना असर छोड़ पाती है और क्या यह चुनावी नतीजों में किसी बड़े बदलाव का कारण बनती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.