मसूरी , 28 जुलाई 2026 । उत्तराखंड के मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित पानी वाले बैंड के समीप भारी बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक मलबा और चट्टानें गिरने से एक रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्रकृति के कहर ने सारी मेहनत मलबे में बदल दी
उस समय भारी आर्थिक नुकसान झेलने के बाद संचालक ने कर्ज और अपनी वर्षों की जमा पूंजी लगाकर दोबारा इसे खड़ा किया था, लेकिन प्रकृति के कहर ने दूसरी बार उसकी सारी मेहनत मलबे में बदल दी। स्थानीय लोग इसे सिर्फ एक रेस्टोरेंट का नुकसान नहीं, बल्कि पहाड़ में रोजी-रोटी से जुड़े लोगों की लगातार टूटती उम्मीदों के रूप में देख रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा सीधे रेस्टोरेंट पर आ गिरा। हादसे के समय वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मलबा गिरने से मसूरी-देहरादून मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर जमा मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सफाई अभियान चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द सामान्य यातायात के लिए बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पहाड़ी की स्थिति का तकनीकी आकलन भी किया जा रहा है ताकि आगे किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
मानसून के दौरान मसूरी और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। घटना के कारणों की जांच जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।