स्टिंग वीडियो बनाकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कथित उगाही करने वाला ‘पत्रकार’ गिरफ्तार,

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नई दिल्ली, 16  जुलाई 2026 । स्टिंग वीडियो बनाने की आड़ में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कथित रूप से उगाही करने के आरोप में एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को एक नामी समाचार चैनल से जुड़ा पत्रकार बताकर पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाता था और कथित रूप से धन की मांग करता था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

इसे जांच में शामिल होने का नोटिस दिया गया था, जिसने एक बार इनवेस्टिगेशन जॉइन की थी। पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्यों को छिपाया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की।

  • जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और कथित भूमिका के आधार पर शान को मकोका की धारा 3 यानी आपराधिक गिरोह का मेंबर होने के तहत गिरफ्तार किया गया।
  • क्राइम ब्रांच ने 8 दिसंबर 2025 को राजू मीणा के सिंडिकेट पर मकोका के तहत केस दर्ज किया था।
  • इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड राजकुमार उर्फ राजू मीणा, मुकेश कुमार उर्फ पकौड़ी, संजय गुप्ता, जीशान अली और राजू मीणा की पत्नी ‘एडवोकेट’ सुरेखा रानी को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी जेल में हैं।

 नामी चैनल से जुड़े होने का दावा

  • पुलिस अफसरों के मुताबिक, शान मोहम्मद ने खुद को एक नामी न्यूज चैनल का स्ट्रिंगर और लोकल न्यूज चैनल का एडिटर बताया है।
  • इसे वेरिफाई किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से दो लाख रुपये की डिमांड करने का एक केस प्रीत विहार थाने में 2017 में दर्ज हुआ था।
  • इस मामले में शान और उसके भाई इरशाद खान समेत आठ आरोपी अरेस्ट हुए थे। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मौके पर जिस आरोपी शाहरुख को पकड़ा था, उसने राजू मीणा का नाम लिया था। नाम FIR में आया था, लेकिन राजू को आरोपी नहीं बनाया गया।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी के दौरान वीडियो रिकॉर्ड करता था और बाद में कथित तौर पर उन वीडियो के आधार पर कार्रवाई या बदनामी का डर दिखाकर उगाही करने का प्रयास करता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इस तरह की गतिविधियों में कब से शामिल था और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक आरोपी पर लगे आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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