चंडीगढ़ , 06 जुलाई 2026 । भूपेंद्र हुड्डा ने HTET (Haryana Teacher Eligibility Test) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एग्जाम के दौरान गलत OMR शीट, गलत क्वेश्चन पेपर, बिना सील वाले पेपर और क्वेश्चन पेपर में गंभीर गलतियां जैसी शिकायतें सामने आई हैं। हुड्डा ने कहा कि इंग्लिश के पेपर में ऐसे सवाल थे जिनका रेफरेंस पैराग्राफ पेपर में था ही नहीं। कैथल में क्वेश्चन पेपर और OMR शीट के सीरियल नंबर अलग-अलग पाए गए, जबकि रेवाड़ी में बिना सील के क्वेश्चन पेपर बांटे गए।
भूपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि परीक्षा के आयोजन और प्रबंधन से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उसकी पारदर्शी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कुछ सेंटर्स पर कम क्वेश्चन पेपर मिले, और कई कैंडिडेट्स को उनके तय सब्जेक्ट के बजाय दूसरे सब्जेक्ट के क्वेश्चन पेपर दे दिए गए। इस अफरा-तफरी के कारण एक सेंटर पर कैंडिडेट्स ने एग्जाम का बॉयकॉट भी कर दिया। वहीं हुड्डा ने कहा इन तमाम गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर अभ्यर्थियों के मन में पैदा हुई शंकाओं का समाधान किया जाए।
वहीं, परीक्षा आयोजन से संबंधित अधिकारी और सरकार की ओर से मामले पर जो भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, हुड्डा का बयान विपक्ष की ओर से उठाई गई राजनीतिक और सार्वजनिक मांग का हिस्सा है।