अमृतसर, 06 जुलाई 2026 । अकाल तख्त से जुड़े प्रतिनिधियों ने पंजाब सरकार को कथित “ट्रोल सेंटर” बंद करने की मांग करते हुए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से सिख संस्थाओं, धार्मिक नेताओं और समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
सरकार पर लगाए आरोप
यह बयान अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा आयोजित एक पंथिक सभा के दौरान दिया गया। अपने संबोधन में जत्थेदार ने दावा किया कि मोहाली और चंडीगढ़ से संचालित कुछ सोशल मीडिया सेंटरों के माध्यम से सिख धार्मिक संस्थानों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। उनका आरोप था कि इन गतिविधियों का उद्देश्य सिख पंथ की सर्वोच्च संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ निहंग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने स्तर पर आंदोलन और अन्य कदम उठाने पर विचार करेंगे। हालांकि, इस तरह के बयान संबंधित पक्षों के हैं और इन्हें प्रशासनिक या न्यायिक निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पंजाब सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि सरकार कोई बयान या कार्रवाई करती है, तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला धार्मिक संस्थाओं, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।
इस बीच, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी विवाद का समाधान संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी संभावित कार्रवाई का निर्णय संबंधित सरकारी एजेंसियों और कानून के प्रावधानों के अनुसार ही होगा।