पटना, 27 जून् 2026 । बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने संकेत दिए हैं कि वह बांकीपुर उपचुनाव में चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले के लिए अपनी रणनीति का भी खाका पेश किया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी का खाता नहीं खुला, लेकिन पार्टी इस एक सीट पर कब्जा कर पूरे बिहार को संदेश देना चाहती है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि बांकीपुर, जो बीजेपी का पुराना किला है। इस किले को ढहाने के लिए जो उपाय करना होगा, वो करेंगे। ध्यान रहे कि आगामी महीने में इस सीट पर उपचुनाव होना है।
प्रशांत किशोर बन सकते हैं बांकीपुर से उम्मीदवार!
प्रशांत किशोर लगातार प्रबुद्ध लोगों से संवाद कर रहे हैं। बांकीपुर में लोगों से मिल रहे हैं। खास अभियान चलाया हुआ है। अलग-अलग वर्ग के लोगों के साथ बैठक की जा रही है। प्रशांत किशोर व्यापारियों के साथ समाज के हर तबके के लोगों के साथ संवाद कर रहे हैं। हाल में जब पार्टी की ओर से प्रत्याशी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ये कहा कि पार्टी तय करेगी।
प्रशांत किशोर का कहना है कि बांकीपुर केवल एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का प्रतीक बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने और मतदाताओं से सीधे संवाद के जरिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उनका उद्देश्य पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को चुनौती देकर जनता के बीच एक नया विकल्प प्रस्तुत करना है।
बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। ऐसे में यदि प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ते हैं, तो यह मुकाबला राज्य की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर सीधी टक्कर बिहार की आगामी राजनीति के संकेत भी दे सकती है।
हालांकि, चुनावी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया और प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशांत किशोर के संभावित चुनाव लड़ने और भाजपा के गढ़ को चुनौती देने के ऐलान ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।