नई दिल्ली, 24 जून् 2026 । दिल्ली के अस्पतालों में दवा और मेडिकल उपकरणों चर्चित घोटाले मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारि तत्कालीन प्रभारी डॉ. विनोद कुमार रंगा की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में तत्कालीन डीजीएचएस डॉक्टर वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर अकाउंट्स नीरज चोपड़ा के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डॉक्टरों को किया निलंबित
इस मामले में अब तक केंद्रीय खरीद एजेंसी के तत्कालीन प्रभारी डॉ. विनोद कुमार रंगा और डॉ. वत्सला अग्रवाल को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने संबंधी आरोपों की जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और मामले की नियमित समीक्षा और निगरानी के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
जांच एजेंसियां अब दवा खरीद प्रक्रिया, टेंडर आवंटन, सप्लाई चेन और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ और क्या किसी निजी कंपनी या अन्य व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, जांच के दायरे को और बढ़ाया जा सकता है, जिससे आने वाले दिनों में नए खुलासे और अतिरिक्त कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।